हल्द्वानी
भीमताल में उफनते नाले में बही 4 साल की मासूम, गौला नदी में बहीं दो चिताएं
भीमताल में दर्दनाक हादसा! घर के बाहर खेल रही 4 साल की पल्लवी नाले में बह गई। वहीं हल्द्वानी की गौला नदी में उफान आने से दो चिताएं बहीं। पढ़ें पूरी खबर।
हल्द्वानी। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरस रही है। नैनीताल जिले के भीमताल और हल्द्वानी क्षेत्र से मंगलवार को दो दर्दनाक घटनाएं सामने आईं। भीमताल में एक चार साल की मासूम बच्ची उफनते बरसाती नाले में बह गई, वहीं हल्द्वानी की गौला नदी में अचानक आए उफान से अंतिम संस्कार के दौरान दो चिताएं पानी के तेज बहाव में समा गईं।
भीमताल के बाईपास क्षेत्र में सुबह करीब 10 बजे भुवन आर्य की चार वर्षीय बेटी पल्लवी घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान वह अचानक असंतुलित होकर तेज बहाव वाले झीझरी नाले में जा गिरी। पास मौजूद महिला के शोर मचाने पर स्थानीय निवासियों और पुलिस ने भारी बारिश के बीच तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब 700 मीटर दूर भीमताल झील से बोट की मदद से बच्ची को निकालकर सीएचसी पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है।
दूसरी ओर, पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण हल्द्वानी स्थित गौला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इससे रानीबाग स्थित प्रसिद्ध चित्रशिला घाट पर अफरा-तफरी मच गई। नदी का पानी घाट की सीढ़ियों तक पहुंच गया। बरेली रोड निवासी नवीन भट्ट की दादी के अंतिम संस्कार के दौरान जलती हुई चिता नदी के तेज बहाव में बह गई। इसके अलावा रुद्रपुर से लाए गए एक अन्य शव की चिता भी लगभग 90 प्रतिशत जलने के बाद उफनती नदी में समा गई।
चित्रशिला स्थित वन निगम टाल प्रभारी मनोज अधिकारी के अनुसार, घाट पर लाए गए सात शवों में से पांच का अंतिम संस्कार सुरक्षित टीनशेड के नीचे कराया गया। हालांकि, किनारे पर स्थान कम होने के कारण लगाई गई दो चिताएं नदी के अचानक बढ़े जलस्तर की भेंट चढ़ गईं। प्रशासन ने उफनती नदियों और बरसाती नालों के समीप न जाने की सख्त चेतावनी दी है।
