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नैनीताल

रामनगर के गौजानी गांव में कब्र खोदने को लेकर विवाद: पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात, चार घंटे तक चला हंगामा

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रामनगर। गौजानी गांव में कब्र खोदने को लेकर गुरुवार को जमकर विवाद और हंगामा हुआ। कब्र खोदने के लिए जमीन को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए और धक्कामुक्की शुरू हो गई। इससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना पर पुलिस, पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स ने मौके पर मोर्चा संभाला और करीब चार घंटे तक शांति बहाली की कोशिशें चलती रहीं।

गुरुवार को गौजानी गांव निवासी रियासत हुसैन का निधन हो गया था। परिजन शव को दफनाने के लिए कब्रिस्तान के पास ही एक जगह पर कब्र खोदने लगे। लेकिन गांव में कब्रिस्तान की कोई स्पष्ट सीमा निर्धारित नहीं है और कब्रिस्तान के साथ ही गांव की जमीन भी लगी हुई है। इसी दौरान भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष मदन जोशी अपने समर्थकों और गांव के लोगों के साथ वहां पहुंच गए और आपत्ति जताई। जोशी ने कहा कि कब्र आबादी के पास खोदी जा रही है, जबकि वहां बच्चे खेलते हैं। उन्होंने कब्रिस्तान की जगह में ही कब्र खोदने के लिए कहा।

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मामला गरमाता देख दूसरा पक्ष कब्र खोदने से पीछे हटने को तैयार नहीं था। इससे दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम प्रमोद कुमार, सीओ सुमित पांडे और कोतवाल अरुण सैनी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कालाढूंगी, बैपड़ाव, पीरूमदारा और गर्जिया चौकी से अतिरिक्त पुलिस बल के अलावा हल्द्वानी से पीएसी और एक प्लाटून पैरामिलिट्री फोर्स को बुला लिया।

करीब चार घंटे तक दोनों पक्ष अड़े रहे और ग्रामीणों की पुलिस से भी नोकझोंक होती रही। आखिरकार पुलिस-प्रशासन ने शव लेकर आए परिजनों को समझा-बुझाकर दूसरी जगह कब्र खोदने के लिए राजी किया, तब जाकर मामला शांत हुआ। कोतवाल अरुण सैनी ने बताया कि माहौल खराब करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए लोग बड़ी संख्या में भीड़ जुटा रहे थे, जिस पर पुलिस नजर बनाए हुए है।

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ग्राम गौजानी में इस जमीन को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। एक पक्ष इसे कब्रिस्तान की जमीन बताता है तो दूसरा पक्ष गांव की भूमि मानता है। ऐसे में पुलिस-प्रशासन को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ता है। कोतवाल ने बताया कि इस बार भी हल्द्वानी से पीएसी, पैरामिलिट्री फोर्स और आसपास के थानों से पुलिस को बुलाना पड़ा ताकि स्थिति काबू में रहे।

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