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देहरादून

देहरादून में नौवीं कक्षा की 15 वर्षीय छात्रा छह महीने की गर्भवती, तबियत खराब होने पर खुलासा

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देहरादून। नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक स्कूल की नौवीं कक्षा की 15 वर्षीय छात्रा छह महीने की गर्भवती पाई गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। पुलिस जांच में पता चला कि छात्रा के स्कूल में ही 12वीं कक्षा में पढ़ने वाला 17 वर्षीय सीनियर छात्र पिछले एक साल से उसका यौन शोषण कर रहा था। आरोपी छात्र भी नाबालिग है।


पीड़िता के पिता की शिकायत पर नेहरू कॉलोनी थाने में आरोपी छात्र के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी छात्र को हिरासत में ले लिया और उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।
घटना का विवरण:
पीड़िता के पिता ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी और आरोपी छात्र एक ही स्कूल में पढ़ते हैं। आरोपी छात्र पिछले एक साल से उनकी बेटी को घुमाने के बहाने ले जाता था और इस दौरान वह बार-बार उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। पीड़िता जब गर्भवती हो गई और उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, तो परिजन उसे डॉक्टर के पास ले गए, जहां जांच में उसकी गर्भावस्था का पता चला।
पुलिस कार्रवाई:
नेहरू कॉलोनी थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की। आरोपी छात्र के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म) और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।
सामाजिक प्रतिक्रिया:
इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। लोगों ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। कई सामाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और मांग की है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
कानूनी प्रावधान:
पॉक्सो एक्ट के तहत, नाबालिगों के साथ यौन अपराध करने पर सख्त सजा का प्रावधान है। इस मामले में, आरोपी छात्र भी नाबालिग है, इसलिए उस पर किशोर न्याय अधिनियम के तहत मुकदमा चलेगा।
यह घटना स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर चेतावनी है। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके परिसर में बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का यौन शोषण न हो। इसके साथ ही, अभिभावकों को भी अपने बच्चों के साथ संवाद बनाए रखना चाहिए और उन्हें यौन शोषण के बारे में जागरूक करना चाहिए।

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