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नैनीताल

रामनगर गूलरघट्टी में 17 साल की किशोरी ने 20 युवकों को बांटा एचआईवी

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नैनीताल: गूलरघट्टी इलाके में एक 17 वर्षीय किशोरी के कारण एचआईवी का प्रकोप फैलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इस किशोरी ने लगभग 20 युवकों को एचआईवी संक्रमित कर दिया है। यह मामला तब सामने आया जब कई युवक शरीर में कमजोरी महसूस कर अस्पताल पहुंचे और उनकी जांच में वे एचआईवी पॉजिटिव पाए गए।
काउंसलिंग में हुआ खुलासा
इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर (आईसीटीसी) में काउंसलर मनीषा खुल्बे ने जब इन युवकों से पूछताछ की तो सभी ने एक ही किशोरी का नाम लिया। पता चला कि यह किशोरी स्मैक की आदी थी और नशे के लिए पैसे जुटाने के लिए युवकों को अपने जाल में फंसाती थी।
रामनगर में सबसे अधिक मामले
नैनीताल जिले में एचआईवी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और रामनगर में यह समस्या सबसे गंभीर है। पिछले 17 महीनों में रामनगर में 45 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से 30 पुरुषों में से 20 को इसी किशोरी ने संक्रमित किया है।
शादीशुदा महिलाएं भी संक्रमित
चिंता की बात यह है कि इनमें से कुछ युवक शादीशुदा थे और उनकी पत्नियां भी इस बीमारी की चपेट में आ गई हैं।
एचआईवी और एड्स में अंतर
एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनो डेफिशिएंसी वायरस) एक वायरस है जो एड्स (अक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशिएंसी सिंड्रोम) का कारण बनता है। एचआईवी पॉजिटिव होने का मतलब है कि व्यक्ति इस वायरस से संक्रमित है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उसे एड्स है। समय पर इलाज से एचआईवी को नियंत्रित किया जा सकता है।
क्या हैं कारण
* स्मैक की लत: किशोरी की स्मैक की लत ने उसे इस तरह के कृत्य करने के लिए मजबूर किया।
* जागरूकता का अभाव: इस क्षेत्र में एचआईवी/एड्स के बारे में जागरूकता की कमी भी एक बड़ा कारण है।
* असुरक्षित यौन संबंध: बिना सुरक्षित तरीके से यौन संबंध बनाना भी एक प्रमुख कारण है।
क्या हैं समाधान
* जागरूकता अभियान: लोगों को एचआईवी/एड्स के बारे में जागरूक करना।
* सुरक्षित यौन संबंध: सुरक्षित तरीके से यौन संबंध बनाने के लिए प्रोत्साहित करना।
* नशा मुक्ति केंद्र: नशे की लत से पीड़ित लोगों के लिए नशा मुक्ति केंद्र खोलना।
* स्वास्थ्य सुविधाएं: एचआईवी/एड्स के मरीजों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना।
* काउंसलिंग: संक्रमित लोगों को काउंसलिंग प्रदान करना।
यह घटना एक बार फिर हमें एचआईवी/एड्स के खतरे के प्रति सचेत करती है। हमें इस बीमारी से लड़ने के लिए मिलकर काम करना होगा।

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