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नई दिल्ली

जूते के डिब्बे से गौरैया घर बनाकर स्कूली बच्चों को दिया गौरैया संरक्षण संदेश, हल्द्वानी के गुलाब सिंह नेगी बीस वर्षों से कर रहे पक्षी सेवा

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घर आंगन से धीरे धीरे गौरैया चिड़िया की चहचहाहट खत्म हो रही है लगातार हो रहे शहरीकरण, अंधाधुंध पेड़ों की कटाई से अब इन बेजुबान पक्षियों का आशियाना धीरे-धीरे कम होना इन मासूम पक्षियों के जान का दुश्मन बना हुआ है. इसी के तहत आज गौरेया संरक्षण को लेकर कटिबद्ध अलकनंदा कॉलोनी, हल्द्वानी निवासी समाजसेवी गुलाब सिंह नेगी ने विश्व गौरैया दिवस के मौके पर खष्टी देवी गुरुरानी इंटर कालेज के छात्र छात्राओं को गौरैया संरक्षण के लिए जागरूक किया साथ ही जूते के पैकेजिंग डिब्बे से घोंसला बनाना सिखाया।


गौरतलब है कि तल्ली हल्द्वानी निवासी गुलाब सिंह नेगी द्वारा गौरैया चिड़िया को बचाने की मुहिम के तहत पिछले 20 सालों से गौरैया पर शोध कर उनके रहन सहन और मोबाइल रेडिएशन से बदलते उनके व्यवहार को महसूस कर लोगों को उचित साइज का घोंसला उपलब्ध करा रहे हैं।
गुलाब सिंह अभी तक अपने व्यक्तिगत संसाधनों से करीब सात हजार से अधिक गौरैया के घोंसले उपलब्ध कराकर लोगों को गौरैया संरक्षण के लिए जागरूक कर रहे हैं. गुलाब सिंह नेगी ने आज गौरैया दिवस के मौके पर भी दर्जनो घोंसले स्कूली बच्चों को वितरण किए साथ ही उन्हें गौरेया संरक्षण के लिए प्रेरित किया।

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बता दें कि पर्यावरण प्रेमी गुलाब सिंह पर्यावरण के क्षेत्र में पिछले कई सालों से काम कर रहे हैं अपने घर में कई प्रजातियों के पक्षियों को संरक्षण देने का भी काम कर रहे हैं यहां तक कि वह बेजुबान घायल पक्षियों का इलाज भी करते हैं ।

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आज विश्व गौरेया दिवस के अवसर पर उनके द्वारा गौरेया संरक्षण को लेकर किए जा रहे सराहनीय पहल के लिए खष्टी देवी गुरुरानी इंटर कालेज प्रबंधन ने उनका आभार ब्यक्त किया। इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य सचिदानंद दुमका प्रबंधक मोहन दुर्गापाल, एडवोकेट महेंद्र सिंह बिष्ट, मनीष गोस्वामी, समाजसेवी शैलेंद्र दुमका, डा सुरेश भट्ट, अध्यापिका पुष्पा भट्ट, कला भट्ट समेत समस्त स्कूल स्टाफ और छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

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