Connect with us

नैनीताल

नैनीताल में बड़ा हादसा बचा, सुरक्षा के लिहाज से 100 लोगों को विस्थापित किया

Published

on

खबर शेयर करें 👉

नैनीताल। सूखाताल जल संस्थान पंप हाउस में रखे सिलिंडर से क्लोरीन गैस लीक होने से क्षेत्र में खलबली मच गई। गैस के संपर्क में आने से सात लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें बीडी पांडे अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर शाम करीब 7:45 बजे सिलिंडर को पंप हाउस से निकालकर सूखाताल झील में डालकर गैस का रिसाव समाप्त किया गया। देर शाम विधायक सरिता आर्या और प्रशाासन की टीम अस्पताल पहुंची और प्रभावितों का हालचाल जाना।
जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार को सूखाताल क्षेत्र में जल संस्थान के पंप हाउस से दोपहर से ही गैस लीक होने और दुर्गंध आने की बात स्थानीय लोग कर रहे थे। शाम को गैस ज्यादा लीक होने और दुर्गंध की तीव्रता बढ़ने पर क्षेत्र के लोगों में खलबली मच गई। सूचना पर जब जल संस्थान की टीम पहुंची तो जल संस्थान के पंप हाउस में रखे सिलिंडर से क्लोरीन गैस लीक होने का पता चला।
जानकारी होने पर एसडीएम प्रमोद कुमार के नेतृत्व में प्रशासन के साथ ही पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, दमकल और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंचीं। गैस के संपर्क में आने से सात लोगों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एंबुलेंस से बीडी पांडे अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है। एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि अस्पताल में आए सभी लोगों की स्थिति सामान्य है। क्लोरीन के सिलिंडर को सूखताल झील में डालकर निस्तारित कर दिया गया है। इस दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट वरुणा अग्रवाल, एसपी हरबंश सिंह, अग्निशमन अधिकारी किशोर उपाध्याय व कोतवाल हरपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
क्लोरीन गैस के रिसाव और लोगों की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए प्रशासन ने पंप हाउस के समीपवर्ती 20 से 30 परिवारों के करीब 100 लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। मौके पर पहुंचे जल संस्थान अधिशासी अभियंता रमेश गर्ब्याल ने बताया कि सिलिंडर के लीक होने से कोई खतरा नहीं है। पानी को फिल्टर करने के लिए पंप हाउस में क्लोरीन का सिलिंडर रखा गया था जिसके लीक होने के कारण का पता नहीं लग पाया है।
सूखाताल क्षेत्र में शाम चार बजे के बाद गैस का रिसाव तेज हुआ तो एसडीआरएफ की टीम के साथ कुछ स्थानीय लोग मास्क लगाकर सिलिंडर को हटाने पंप हाउस तक पहुंच गए। इस बीच दो पत्रकारों के साथ ही स्थानीय लोगों की गैस की चपेट में आकर हालात बिगड़ने लगी। इनमें सूखाताल निवासी दीपा सागर, रोहित भाटिया, प्रेम सागर, अश्विनी, संजीव और पत्रकार गुड्डू ठठोला व अफजल हुसैन को उल्टियां होने लगीं। इन सभी को एंबुलेंस से बीडी पांडे अस्पताल ले जाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रशासन के निर्देश पर देर शाम को स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने क्षेत्र का मुआयना किया।
सिलिंडर के अधिक भारी होने और गैस के रिसाव के कारण उसे तत्काल नहीं हटाया जा सका, जिससे क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल रहा। इसके बाद राहत और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की टीम खैरना से और एनडीआरएफ की टीम भवाली से मौके पर पहुंची। इसके बाद क्लोरीन गैस से भरे सिलिंडर को सुरक्षित रूप से निकालकर जेसीबी के माध्यम से सूखाताल झील में डाला गया।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement