Connect with us

हरिद्वार

हरिद्वार सुभाष घाट गऊ घाट पर गंगा बंदी के नाम पर खनन का विरोध, व्यापारियों ने किया प्रदर्शन

Published

on

खबर शेयर करें 👉

हरिद्वार: हरिद्वार के सुभाष घाट और गऊ घाट पर गंगा बंदी के दौरान हो रहे अवैध खनन के विरोध में स्थानीय व्यापारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। व्यापारियों का आरोप है कि गंगा में जलस्तर कम होने का फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध खनन कर रहे हैं और इससे घाटों की स्थिति बिगड़ रही है।
सुभाष घाट व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष राजू वधावन ने कहा कि सुभाष घाट और गऊ घाट पर जेसीबी मशीनों से बड़े-बड़े गड्ढे खोदे जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इन गड्ढों को तुरंत भरवाया जाए और अवैध खनन पर रोक लगाई जाए।
जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष आशीष शर्मा ने कहा कि पिछले कई दशकों से गंगा बंदी के दौरान घाटों की मरम्मत का काम किया जाता रहा है। सीढ़ियों की मरम्मत होती थी और चैन ठीक किए जाते थे। लेकिन इस बार एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई काम नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुभाष घाट और गऊ घाट पर जल का स्तर कम करना एक सोची-समझी साजिश है, जिससे खनन के रास्ते खोले जा रहे हैं।
व्यापारियों की मांगें:
* सुभाष घाट और गऊ घाट पर खोदे गए गड्ढों को तुरंत भरवाया जाए।
* अवैध खनन पर रोक लगाई जाए।
* गंगा बंदी के दौरान घाटों की मरम्मत का काम शुरू किया जाए।
* प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करे।
प्रदर्शन में शामिल रहे लोग:
प्रदर्शन में सुभाष घाट व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष राजू वधावन के अलावा जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष आशीष शर्मा, सुमित शर्मा, ललित खन्ना, हिमांशु शर्मा, नरेश वेदी, पंकज अरोड़ा, अरुण नितिन शर्मा और नानक चंद्र गुप्ता सहित कई अन्य व्यापारी शामिल रहे।
गंगा की पवित्रता खतरे में:
गंगा नदी भारत की पवित्र नदी है और लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है। गंगा में हो रहे अवैध खनन से न केवल धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है।
प्रशासन पर दबाव:
व्यापारियों के इस प्रदर्शन से प्रशासन पर गंगा में हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए दबाव बढ़ गया है। उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में त्वरित कार्रवाई करेगा और गंगा की पवित्रता को बचाने के लिए कदम उठाएगा।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement