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देहरादून

टिहरी पुलिस का बड़ा खुलासा: रिसॉर्ट संचालक नितिन देव हत्याकांड की साजिश देहरादून जेल में रची गई थी

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देहरादून। टिहरी जिले के मुनिकीरेती क्षेत्र में हुए सनसनीखेज रिसॉर्ट संचालक नितिन देव हत्याकांड का टिहरी पुलिस ने सफल अनावरण किया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य शूटर बिमलेश उर्फ विकास को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया कि हत्या की साजिश देहरादून जेल में बंद बलात्कार के आरोपी विपिन नैय्यर ने रची थी। नितिन देव द्वारा विपिन के खिलाफ बलात्कार और पोक्सो एक्ट के तहत की गई सख्त पैरवी से बौखलाए विपिन ने जेल में ही कुख्यात अपराधी रामवीर सिंह से संपर्क साधा, जिसने रायपुर गोलीकांड में पहले से सजा काट रहा था।

रामवीर सिंह ने हत्या की सुपारी लेकर बिहार निवासी अपराधी बिमलेश से संपर्क करवाया। इसके बाद जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद विपिन ने साजिश को अंजाम देने की योजना बनाई। उसने बिमलेश से दिल्ली और ऋषिकेश में मुलाकात की और दो शूटरों की व्यवस्था की। इन शूटरों को मृतक नितिन देव के घर के पास डैक्कन वैली सोसाइटी में किराये पर एक फ्लैट दिलाया गया, जिसमें वे फर्जी पहचान पत्रों के सहारे रुके।

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शूटरों ने कई दिनों तक नितिन की गतिविधियों की रेकी की और मौका मिलते ही नितिन पर चार गोलियां दाग दीं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए। टिहरी पुलिस द्वारा बनाई गई विशेष टीमों ने मोबाइल सर्विलांस, बैंकिंग लेनदेन और फील्ड स्तर पर सूचना संकलन के माध्यम से जांच को तेजी से आगे बढ़ाया। अंततः 16 मई 2025 को मुख्य शूटर बिमलेश को बिहार से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने हत्या की साजिश, सुपारी कनेक्शन और अन्य अभियुक्तों की भूमिका की पुष्टि की है।

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पुलिस की जांच के दौरान यह भी सामने आया कि विपिन नैय्यर ने जमानत तुड़वाकर पुनः जेल लौटने की योजना भी साजिश के तहत बनाई थी ताकि उस पर शक न हो। टिहरी पुलिस की इस तेज और गहन विवेचना की सराहना करते हुए उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने जांच टीम को ₹50,000 की नकद राशि से पुरस्कृत करने की घोषणा की है। साथ ही अन्य फरार शूटरों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस की कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि अपराध चाहे जितना भी योजनाबद्ध क्यों न हो, कानून के लंबे हाथ उसे पकड़ ही लेते हैं।

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