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देहरादून

20 करोड़ के कर्ज में डूबा था परिवार, इसलिए 6 लोगों ने जहर खाकर दी जान

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देहरादून/चंडीगढ़। हरियाणा के पंचकूला में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सोमवार देर रात एक कार में एक ही परिवार के छह सदस्य मृत अवस्था में पाए गए। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि 15 से 20 करोड़ रुपये के भारी कर्ज के चलते परिवार ने सामूहिक आत्महत्या जैसा कदम उठाया। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस को कार से दो सुसाइड नोट भी बरामद हुए हैं, जिनमें कर्ज का स्पष्ट उल्लेख है।

मृतकों की पहचान 41 वर्षीय प्रवीण मित्तल, उनकी पत्नी रीना, तीन नाबालिग बच्चे (दो जुड़वां बेटियां और एक बेटा), मां विमला और पिता देशराज के रूप में हुई है। यह कार पंचकूला के सेक्टर 27 स्थित एक आवासीय क्षेत्र में सड़क किनारे खड़ी थी, जिसका पंजीकरण उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का है।

कार के अंदर का दृश्य दिल दहला देने वाला था। रात करीब 11 बजे एक स्थानीय निवासी पुनीत राणा ने सड़क किनारे खड़ी संदिग्ध कार को देखा। टॉर्च की रोशनी से जब उन्होंने भीतर झांका तो सभी लोग अचेत अवस्था में दिखाई दिए। कार का दरवाजा खोलने पर प्रवीण मित्तल ने बताया कि वे बागेश्वर धाम के कार्यक्रम से लौटे हैं और होटल न मिलने के कारण कार में ही सो रहे हैं। लेकिन थोड़ी ही देर बाद वे भी बेहोश हो गए और बाद में उनकी भी मौत हो गई। इससे पहले उन्होंने राणा को बताया कि उन पर भारी कर्ज था और रिश्तेदार मदद नहीं कर रहे थे।

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सुसाइड नोट में लिखी गई कर्ज की दास्तां
पुलिस उपायुक्त (अपराध) अमित दहिया ने बताया कि कार से दो सुसाइड नोट बरामद किए गए हैं, जिनमें परिवार पर भारी कर्ज का उल्लेख है। नोट में लिखा है कि कारोबारी विफलता और मदद न मिलने के कारण उन्होंने यह दुखद कदम उठाया। सुसाइड नोट की विस्तृत जांच जारी है।

प्रवीण का कारोबार हुआ था बंद, टैक्सी चलाकर कर रहे थे गुजारा
परिवार पहले कारोबार करता था, लेकिन आर्थिक संकट आने पर वह बंद हो गया। पिछले कुछ समय से प्रवीण टैक्सी चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, करीब आठ-नौ महीने पहले यह परिवार देहरादून के कौलागढ़ इलाके में किराए के मकान में रहता था। लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे देहरादून छोड़कर पिंजौर में ससुराल चले गए। वहां भी हालात नहीं सुधरे तो परिवार ने पंचकूला के सकेत्री इलाके में डेरा जमाया।

पांच जांच टीमों का गठन
डीसीपी अमित दहिया ने बताया कि मामले की गहन जांच के लिए पांच पुलिस टीमों का गठन किया गया है। एक टीम देहरादून, दूसरी पिंजौर और बाकी पंचकूला में जांच में जुटी हैं। परिवार के बैंक खातों और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

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देहरादून निवासी ने कार खरीद में की थी मदद
जिस कार में परिवार मृत मिला, वह गंभीर सिंह नेगी नामक देहरादून निवासी के नाम पर पंजीकृत है। नेगी ने बताया कि प्रवीण मित्तल से उनकी मुलाकात एक एनजीओ के माध्यम से हुई थी। उन्होंने ही कार खरीदने के लिए आर्थिक मदद दी थी।

ससुर को पुलिस ने दी सूचना
प्रवीण के ससुर राकेश ने बताया कि वह पिछले कुछ समय से परिवार के संपर्क में नहीं थे। उन्हें इस घटना की जानकारी पुलिस के माध्यम से मिली। उन्होंने भी माना कि प्रवीण ने बड़े पैमाने पर कर्ज ले रखा था और वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।

यह घटना न केवल समाज को झकझोरने वाली है बल्कि यह भी दर्शाती है कि आर्थिक संकट किस हद तक इंसान को तोड़ सकता है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवा कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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