हरिद्वार
धर्मनगरी हरिद्वार में ‘क़िरदार एक नई सोच’ का लोकार्पण, डॉ. निशंक ने किया विमोचन
हरिद्वार में स्पर्श हिमालय अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में कवि अरुण कुमार पाठक के संकलन ‘क़िरदार एक नई सोच’ का विमोचन। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने किया लोकार्पण। 56 रचनाकारों की कृतियाँ शामिल।
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में साहित्य और संस्कृति के एक बड़े समागम ‘स्पर्श हिमालय अन्तर्राष्ट्रीय कला, संस्कृति एवं साहित्य सम्मेलन’ में एक महत्वपूर्ण काव्य संकलन का विमोचन किया गया। कवि एवं साहित्यकार अरुण कुमार पाठक के निर्देशन और सह-सम्पादन में प्रकाशित साझा काव्य संकलन—’क़िरदार एक नई सोच’—का लोकार्पण भारत के पूर्व शिक्षा मंत्री और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने किया।
यह लोकार्पण समारोह दिनांक 08 नवम्बर, 2025 को संपन्न हुआ, जिसमें देश भर से सैकड़ों चुनिन्दा लेखक, साहित्यकार और शिक्षाविद उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बद्ध किरोड़ीमल कॉलेज के हिन्दी विद्वान वेद प्रकाश वत्स ने किया। डॉ. निशंक, जो स्वयं तीन विश्व कीर्तिमानधारी कवि और लेखक हैं, ने इस अवसर पर नए साहित्य को प्रोत्साहित करने की बात कही।
56 रचनाकारों की रचनाएं शामिल
लोकार्पित साझा संकलन ‘क़िरदार एक नई सोच’ के सह-सम्पादक अरुण कुमार पाठक ने पुस्तक के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संकलन में देश के 56 चुने हुए रचनाकारों की दो-दो काव्य रचनाओं को उनके चित्र और सम्पूर्ण परिचय सहित प्रकाशित किया गया है। हरिद्वार से अरुण कुमार पाठक के अलावा दो और रचनाकार—श्रीमती कंचन प्रभा गौतम और ओज कवि श्री अरविन्द दुबे—भी इस संकलन में शामिल हैं।
इस संकलन की सम्पादक और संकलनकर्ता श्रीमती पूजा सिंह हैं, जो मुंगेर विश्वविद्यालय से सम्बद्ध जमुई जिले के बिशनपुर स्थित अरविन्द कुमार डिग्री कॉलेज में हिन्दी की सहायक प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं। पुस्तक का प्रकाशन श्रमण पब्लिकेशन, अलवर (राजस्थान) द्वारा किया गया है। यह संकलन भारतीय साहित्य में नए विचारों और ‘नई सोच’ के क़िरदार को सामने लाता है।
