हरिद्वार
विश्व निमोनिया दिवस पर बड़ा कदम: हरिद्वार में ‘सांस’ (SAANS) पहल शुरू, शिशु मृत्यु दर घटाने का लक्ष्य
हरिद्वार मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, जनपद हरिद्वार ने विश्व निमोनिया दिवस (12 नवंबर) के अवसर पर निमोनिया से होने वाली शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल ‘सांस’ (SAANS – Social Awareness and Action to Neutralize Pneumonia Successfully) का औपचारिक शुभारंभ किया। यह पहल उत्तराखंड के ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों सहित पूरे जनपद में बाल स्वास्थ्य सेवा की पहुँच और गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला चिकित्सालय हरिद्वार में आयोजित एक संक्षिप्त और महत्वपूर्ण समारोह के माध्यम से किया गया, जिसका संचालन हॉस्पिटल मैनेजर श्रीमती माधुरी रावत ने किया। मुख्य वक्ता डॉ. अभिषेक अनेजा और डॉ. स्वाति ने निमोनिया की रोकथाम, शुरुआती लक्षणों की पहचान (जैसे छाती का धँसना), समय पर टीकाकरण के महत्व और त्वरित चिकित्सा सहायता लेने की आवश्यकता पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया।
राष्ट्रीय लक्ष्य की ओर एक कदम
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हरिद्वार ने जोर देकर कहा कि ‘सांस’ पहल भारत सरकार के उस राष्ट्रीय मिशन का सीधा समर्थन करती है जिसका लक्ष्य 2025 तक निमोनिया से होने वाली बाल मृत्यु दर को प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 3 से भी कम करना है। उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत, निमोनिया के इलाज के लिए आवश्यक दवाएं और उपकरण, जैसे ऑक्सीजन और पल्स ऑक्सीमीटर, सभी चयनित चिकित्सालयों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध सुनिश्चित किए जाएंगे।
CMO ने समुदाय से अपील की, “निमोनिया एक जानलेवा बीमारी है, लेकिन यह पूरी तरह से रोकथाम योग्य और इलाज योग्य है। हमारा उद्देश्य निमोनिया के लक्षणों को अनदेखा न करने के लिए माताओं और देखभाल करने वालों को प्रशिक्षित करना है। हम PCV (Pneumococcal Conjugate Vaccine) के टीकाकरण कवरेज को बढ़ाने पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ताकि हर बच्चे को सुरक्षा मिल सके।”
वित्तीय आवंटन और प्रतिबद्धता
इस पहल की सफलता सुनिश्चित करने के लिए, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, हरिद्वार द्वारा पत्रांक DHWS/NHM-MCH/2025-26 दिनांक 06.11.2025 के क्रम में कुल ₹20,000/- की राशि आवंटित की गई है, जिसे दो प्रमुख चिकित्सालयों में वितरित किया गया है:
• जिला चिकित्सालय, जनपद हरिद्वार – ₹10,000/-
• राजकीय उप जिला चिकित्सालय, रुड़की – ₹10,000/-
कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रमुख अधीक्षक डॉ० रणवीर सिंह ने सभी स्वास्थ्यकर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि, “यह पहल उत्तराखंड के नागरिकों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। हम प्रोटोकॉल का कठोरता से पालन करते हुए जन-स्वास्थ्य के प्रति निरंतर सुधार की दिशा में कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
कार्यक्रम में डॉ० निशात अन्जुम, डॉ० मनीष दत्त, डॉ० संदीप निगम, डॉ० सुब्रत अरोरा, डॉ० निष्ठा गुलाटी, डॉ० यशपाल सिंह, डॉ० हरिशंकर कौशिक, नर्सिंग अधीक्षिका श्रीमती सुषमा, श्रीमती बेनू नंदा, एवं समस्त नर्सिंग स्टाफ, श्री विपिन खुराना, श्री विपिन रावत, श्री पंकज जैन, श्रीमती सुनीता शर्मा, श्री धीरेन्द्र सिंह, श्री अभिषेक नौटियाल, श्री राहुल यादव, राहुल टांक, श्री सचिन कुमार, दृष्टिमितिज्ञ श्री जोगेंद्र यादव, श्री राजीव कुमार, कु० कीर्ति शर्मा, श्री महेश कुमार, कु० मिथलेश, श्री आदर्शमणि, श्री काला, और श्री करण सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
