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उत्तराखण्ड

अंकिता भंडारी केस: CM धामी ने दी CBI जांच की मंजूरी, माता-पिता की भावना का सम्मान

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की CBI जांच की संस्तुति दी है। माता-पिता के अनुरोध पर न्याय को और पारदर्शी बनाने के लिए लिया गया बड़ा फैसला।

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण की जांच अब CBI से कराने की संस्तुति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री ने यह फैसला स्वर्गीय अंकिता के माता-पिता की भावनाओं और उनके विशेष अनुरोध के बाद लिया है। सरकार का कहना है कि न्याय की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और संवेदनशील बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार शुरू से ही इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध रही है। घटना की जानकारी मिलते ही महिला IPS अधिकारी के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया था। सरकार की प्रभावी पैरवी के कारण ही निचली अदालत ने सभी अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और किसी भी आरोपी को अब तक जमानत नहीं मिल सकी है।
सीएम ने भावुक होते हुए कहा, “अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं, बल्कि हमारी भी बहन और बेटी थी।” उन्होंने बताया कि हाल ही में अंकिता के माता-पिता ने उनसे मुलाकात कर मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की इच्छा जताई थी। उनके सम्मान और संतुष्टि के लिए सरकार ने तुरंत इस पर अपनी सहमति दे दी है।
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर वायरल हुई कुछ ऑडियो क्लिप्स पर भी मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि इन मामलों में अलग-अलग FIR दर्ज की जा चुकी हैं और जांच जारी है। सरकार का संकल्प है कि किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
अंकिता भंडारी मामले की विस्तृत पृष्ठभूमि और अब तक की अदालती कार्यवाही के बारे में जानने के लिए आप उत्तराखंड सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर अपडेट देख सकते हैं। इसी तरह की अन्य राज्य स्तरीय खबरों के लिए हमारा उत्तराखंड कानून-व्यवस्था अनुभाग भी पढ़ें।

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