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हल्द्वानी

रामनगर हादसा: डंपर में पेट्रोमैक्स जलाकर सो रहे चाचा-भतीजे की दम घुटने से मौत

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रामनगर के पीरुमदारा में कड़ाके की ठंड से बचने के लिए डंपर के अंदर पेट्रोमैक्स जलाना जानलेवा साबित हुआ। ऑक्सीजन की कमी से चाचा-भतीजे की मौत, इलाके में शोक।

रामनगर। उत्तराखंड के रामनगर स्थित पीरुमदारा क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ एक स्टोन क्रशर पर खड़े डंपर के भीतर कड़ाके की ठंड से बचने के लिए पेट्रोमैक्स जलाना दो ड्राइवरों के लिए जानलेवा साबित हुआ। बंद केबिन में ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस के कारण चाचा-भतीजे की दम घुटने से मौत हो गई।
ठंड से बचने की कोशिश पड़ी भारी
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के संभल निवासी मोहम्मद इरफान और मोहम्मद इकरार पेशे से चालक थे। वे रविवार तड़के करीब 5 बजे अपने 18 टायरा डंपर में रेत-बजरी लोड करने के बाद क्रशर के बाहर वाहन खड़ा कर आराम कर रहे थे। भीषण ठंड से बचने के लिए उन्होंने डंपर के शीशे पूरी तरह बंद कर अंदर पेट्रोमैक्स जला लिया और सो गए।
दोपहर को टूटा शीशा तो उड़े होश
जब दोपहर तक डंपर में कोई हलचल नहीं हुई, तो साथ काम करने वाले ड्राइवरों को शक हुआ। उन्होंने डंपर का शीशा तोड़ा तो दोनों को अचेत अवस्था में पाया। आनन-फानन में उन्हें रामनगर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया है।
डॉक्टरों ने बताई दम घुटने की वजह
अस्पताल की डॉक्टर कृतिका के अनुसार, प्रथम दृष्टया मौत का कारण ऑक्सीजन की कमी लग रहा है। बंद जगह पर पेट्रोमैक्स या अंगीठी जलने से ऑक्सीजन खत्म हो जाती है और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस बन जाती है। यह गैस शरीर को अचेत कर देती है, जिससे व्यक्ति को नींद में ही मौत का पता नहीं चल पाता।
पुलिस जांच और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक के भाई कासिम ने बताया कि इरफान और इकरार ही परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों की पुष्टि होगी। प्रशासन ने लोगों से बंद कमरों या वाहनों में आग न जलाने की अपील की है।

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