हल्द्वानी
नैनीताल में बड़ी कार्रवाई: महिला दारोगा अंजू नेगी निलंबित, रेप केस में लापरवाही का आरोप
नैनीताल एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने लालकुआं की महिला एसआई अंजू नेगी को सस्पेंड किया। रेप केस की विवेचना में आरोपी को फायदा पहुंचाने और लापरवाही बरतने पर हुई कार्रवाई।
हल्द्वानी। महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर रुख अपनाते हुए नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने एक सख्त फैसला लिया है। लालकुआं कोतवाली में तैनात महिला उपनिरीक्षक (SI) अंजू नेगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। महिला अपराध से जुड़े एक संवेदनशील मामले की विवेचना में लापरवाही बरतने और आरोपी का पक्ष लेने के गंभीर आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई है।
पूरा मामला अक्टूबर 2025 का है, जब लालकुआं कोतवाली में एक युवती ने शादी का झांसा देकर रेप किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस गंभीर मुकदमे की जांच की जिम्मेदारी महिला एसआई अंजू नेगी को सौंपी गई थी। हालांकि, विवेचना के दौरान यह शिकायत सामने आई कि दारोगा ने निष्पक्ष जांच करने के बजाय आरोपी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की और कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने विभागीय जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट में यह पुख्ता हुआ कि महिला दारोगा ने विवेचना में गंभीर अनियमितताएं की हैं। ऐसा प्रतीत हुआ कि जानबूझकर की गई इस ढिलाई से पीड़िता को न्याय मिलने की राह कठिन हो सकती थी। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर एसएसपी ने निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जनपद पुलिस महिला अपराधों को लेकर “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी महिला सुरक्षा के मामलों में पक्षपात या लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस का काम पीड़िता को न्याय दिलाना है, न कि अपराधियों को संरक्षण देना।
इस निलंबन की कार्रवाई से जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। यह आदेश उन सभी अधिकारियों के लिए चेतावनी है जो कर्तव्यों के निर्वहन में कोताही बरतते हैं। फिलहाल, निलंबित एसआई के खिलाफ विस्तृत जांच जारी है और मामला किसी अन्य निष्पक्ष अधिकारी को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है ताकि पीड़िता को समय पर न्याय मिल सके।
