Connect with us

उधमसिंह नगर

रुद्रपुर: फर्जी आधार और पैन कार्ड बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, STF की बड़ी कार्रवाई

Published

on

खबर शेयर करें 👉

रुद्रपुर में एसटीएफ ने फर्जी आधार व पैन कार्ड बनाने वाले जनसेवा केंद्र पर छापा मारकर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। सिडकुल में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहा था खेल।

रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर): उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में चल रहे एक बड़े जालसाजी के धंधे का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ की टीम ने मछली बाजार स्थित एक जनसेवा केंद्र पर छापेमारी कर फर्जी आधार और पैन कार्ड बनाने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को सिडकुल में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था।
एसटीएफ के प्रभारी एमपी सिंह ने बताया कि मंगलवार को दरोगा विपिन जोशी और कृष्ण गोपाल मठपाल को मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, ‘गंगवार जनसेवा केंद्र’ पर अवैध रूप से पहचान पत्रों में छेड़छाड़ की जा रही थी। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए केंद्र पर छापा मारा और चेतन कुमार नामक युवक को धर दबोचा। आरोपी मूल रूप से रामपुर (उत्तर प्रदेश) का निवासी है और वर्तमान में शिमला बहादुर गड्डा कॉलोनी में रह रहा था।
पूछताछ के दौरान आरोपी चेतन कुमार ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि बाहरी राज्यों से सिडकुल में नौकरी की तलाश में आने वाले श्रमिकों को स्थानीय दस्तावेजों की सख्त जरूरत होती है। इसी का फायदा उठाकर वह मोटी रकम के बदले उनके आधार कार्ड में नाम और पते बदल देता था। वह हूबहू असली जैसे दिखने वाले फर्जी पैन कार्ड और आधार कार्ड तैयार कर लोगों को सिडकुल की कंपनियों में भर्ती करवाता था।
एसटीएफ ने जनसेवा केंद्र से भारी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज, कंप्यूटर सिस्टम और अन्य उपकरण जब्त किए हैं। प्रभारी एमपी सिंह के अनुसार, इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
रुद्रपुर और आसपास के क्षेत्रों में इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि पहचान पत्रों के साथ छेड़छाड़ करना एक गंभीर अपराध है और ऐसे जनसेवा केंद्रों पर भविष्य में भी निगरानी रखी जाएगी। एसटीएफ अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों के फर्जी कार्ड बनाए हैं और किन कंपनियों में वे नौकरी कर रहे हैं।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement