नई दिल्ली
पश्चिम एशिया में महायुद्ध का खतरा: तेहरान में फिर भीषण धमाके, ड्रोन हमलों से दहला सऊदी अरब
तेहरान में फिर सुनाई दिए जोरदार धमाके! अमेरिका-इस्राइल के हमलों में अब तक 555 की मौत। ईरान के पलटवार से सऊदी अरामको की रिफाइनरी बंद। पढ़ें ताजा स्थिति।
तेहरान/रियाद: पश्चिम एशिया में तनाव अब विनाशकारी मोड़ ले चुका है। अमेरिका और इस्राइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद आज फिर ईरान की राजधानी तेहरान के विभिन्न हिस्सों में सिलसिलेवार जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इन हमलों ने पूरे क्षेत्र में बड़े संघर्ष की आशंका को बढ़ा दिया है। ईरानी रेड क्रेसेंट सोसायटी के अनुसार, अब तक इन हवाई हमलों में कम से कम 555 लोग मारे गए हैं और 131 से अधिक शहर प्रभावित हुए हैं।
ईरान ने भी इन हमलों का जवाब देना शुरू कर दिया है। तेहरान के ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको ने अपनी प्रसिद्ध ‘रास तनुरा’ रिफाइनरी को एहतियातन बंद कर दिया है। 5.5 लाख बैरल प्रति दिन की क्षमता वाली यह रिफाइनरी मध्य पूर्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल केंद्रों में से एक है। इस बंदी से वैश्विक तेल आपूर्ति पर गहरा असर पड़ने की संभावना है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में खलबली मच गई है।
इस बीच, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफाएल ग्रोसी ने एक राहत भरी जानकारी साझा की है। उन्होंने बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को बताया कि अब तक मिली जानकारी के अनुसार, ईरान के परमाणु स्थलों को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है। ग्रोसी ने कहा कि वे ईरानी अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, हालांकि तेहरान की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। परमाणु सुरक्षा को लेकर वैश्विक समुदाय अभी भी चिंतित है।
युद्ध की यह आग अब अन्य देशों तक भी पहुँच रही है। ब्रिटेन की विदेश मंत्री कोपर ने पुष्टि की है कि साइप्रस स्थित यूके के सैन्य अड्डे पर एक अज्ञात ड्रोन ने हमला कर रनवे को निशाना बनाया है। इस ड्रोन हमले के बाद सैन्य अड्डे की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जैसे-जैसे हमलों का दायरा बढ़ रहा है, नागरिकों की सुरक्षा को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। आने वाले कुछ घंटे पश्चिम एशिया की भविष्य की दिशा तय करेंगे।
