नई दिल्ली
इजरायल का ‘आयरन बीम’ सफल: पहली बार लेजर लाइट से गिराया रॉकेट, रचा इतिहास
इज़राइल ने युद्ध के मैदान में पहली बार ‘आयरन बीम’ लेजर डिफेंस सिस्टम का सफल प्रयोग किया। हिज्बुल्लाह के रॉकेटों को हवा में ही किया भस्म। तकनीक की नई बादशाहत।
तेल अवीव: इजरायल ने रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। जिस ‘आयरन बीम’ (Iron Beam) लेजर डिफेंस सिस्टम की चर्चा पिछले कई वर्षों से हो रही थी, उसने आखिरकार युद्ध के मैदान में अपनी ताकत साबित कर दी है। हिज्बुल्लाह द्वारा लेबनान से किए गए भीषण रॉकेट हमलों के दौरान इजरायल ने पहली बार इस लेजर लाइट सिस्टम को एक्टिव किया और सफलतापूर्वक दुश्मन के रॉकेटों को हवा में ही भस्म कर दिया।
जानकारी के अनुसार, हिज्बुल्लाह ने देर रात इजरायल पर मिसाइलों और रॉकेटों से बड़ा हमला बोला था। इन हमलों को रोकने के लिए इजरायल ने अपने पारंपरिक ‘आयरन डोम’ के साथ-साथ नई लेजर तकनीक का इस्तेमाल किया। आयरन बीम ने बिजली की गति से लेजर किरणें छोड़ीं, जिससे टकराते ही रॉकेट पल भर में नष्ट हो गए। इजरायल ने इस इंटरसेप्शन का एक वीडियो भी जारी किया है, जो पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक युद्ध की लागत और प्रभावशीलता को पूरी तरह बदल देगी। जहाँ आयरन डोम की एक मिसाइल लाखों डॉलर की आती है, वहीं आयरन बीम की एक लेजर फायर की लागत बेहद कम है। यह सिस्टम न केवल रॉकेट, बल्कि ड्रोन और मोर्टार शेल को भी गिराने में सक्षम है। इस सफलता के साथ ही इजरायल लेजर हथियारों का युद्ध में प्रभावी इस्तेमाल करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।
इजरायली रक्षा मंत्रालय के अनुसार, आयरन बीम की सफलता उनकी तकनीकी बादशाहत को दर्शाती है। यह प्रणाली भविष्य में इजरायल के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच साबित होगी। फिलहाल, हिज्बुल्लाह के साथ जारी संघर्ष के बीच इस नए हथियार के शामिल होने से इजरायल की रक्षा क्षमता कई गुना बढ़ गई है। वैश्विक सैन्य विशेषज्ञ इसे ‘फ्यूचर वॉरफेयर’ (भविष्य के युद्ध) की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम मान रहे हैं।
