हल्द्वानी
हल्द्वानी के अस्पतालों में गहराया गैस संकट: सुशीला तिवारी अस्पताल की कैंटीन बंद, चूल्हे पर बन रहा खाना
हल्द्वानी में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत से एसटीएच (STH) और मेडिकल कॉलेज में भोजन का संकट। मरीजों और छात्रों के लिए लकड़ी पर पकाया जा रहा है खाना। जानिए पूरी रिपोर्ट।
हल्द्वानी। कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पताल सुशीला तिवारी (STH) और राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति ठप होने से हड़कंप मच गया है। गैस न होने के कारण अस्पताल की सार्वजनिक कैंटीन बंद कर दी गई है, जिससे तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि मेडिकल कॉलेज की मेस में अब लकड़ी जलाकर छात्रों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा है।
सुशीला तिवारी अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 500 मरीजों का नाश्ता और खाना बनता है। मेस संचालक देवकी नंदन के अनुसार, यहाँ महीने में 90 सिलेंडरों की जरूरत होती है, लेकिन अब स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है। यही स्थिति मेडिकल कॉलेज की पांच मेस की भी है, जहाँ 500 से अधिक छात्र-छात्राएं भोजन करते हैं। मेस मैनेजर ने बताया कि गैस न होने के कारण मजबूरी में चार क्विंटल लकड़ी खरीदकर चूल्हा जलाना पड़ रहा है।
सिर्फ एसटीएच ही नहीं, बल्कि हल्द्वानी के महिला और बेस अस्पताल में भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. ऊषा जंगपांगी और बेस अस्पताल के पीएमएस डॉ. केएस दताल ने पुष्टि की है कि उनके पास भी स्टॉक खत्म होने की कगार पर है। अस्पतालों में भर्ती सैकड़ों मरीजों के लिए समय पर भोजन जुटाना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीएस तितियाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी और खाद्य आपूर्ति विभाग को पत्र लिखा है। सिटी मजिस्ट्रेट को भी फोन पर वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है। प्राचार्य ने छात्रों से भी इस संकट की घड़ी में सहयोग की अपील की है। वर्तमान में KMVN (कुमाऊं मंडल विकास निगम) को कुकिंग गैस की तत्काल आपूर्ति के लिए अनुरोध भेजा गया है, ताकि मरीजों और छात्रों को भूखा न रहना पड़े।
