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कौसानी के लक्ष्मी आश्रम में डेविड हॉपकिंस को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
लक्ष्मी आश्रम कौसानी में महान पर्यावरणविद् डेविड हॉपकिंस के लिए श्रद्धांजलि सभा आयोजित। आश्रम की वेधशाला का नाम अब ‘डेविड हॉपकिंस वेधशाला’ होगा। पढ़ें पूरी खबर।
कौसानी। प्रसिद्ध गांधीवादी संस्था लक्ष्मी आश्रम, कौसानी में बीते दिनों पंचतत्व में विलीन हुए महान संत और पर्यावरण प्रेमी स्वर्गीय डेविड हॉपकिंस की स्मृति में एक भव्य शांति एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। 9 मार्च को अपना शरीर त्यागने वाले डेविड भाई को नमन करने के लिए देश-विदेश से लक्ष्मी आश्रम से जुड़ी पूर्व छात्राएं, उनके परिजन और गांधीवादी विचारधारा के दिग्गज व्यक्तित्व कौसानी पहुंचे।
श्रद्धांजलि सभा में लक्ष्मी आश्रम की राधा बहन, निर्मला बहन और हंसी दीदी के साथ उत्तराखंड के प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक, वरिष्ठ पत्रकार राजीव लोचन शाह, थ्रीश कपूर, कल्याण मनकोटी, रमेश मुमूक्ष और अनिल जोशी और सीओ प्रमोद शाह सहित दर्जनों समाज चिंतकों ने शिरकत की। उपस्थित वक्ताओं ने डेविड हॉपकिंस के उन 40 वर्षों के योगदान को याद किया, जो उन्होंने लक्ष्मी आश्रम और उत्तराखंड की धरा को समर्पित किए थे।

डेविड भाई के जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण पर किए गए दशकों के गहन अध्ययन को याद करते हुए वक्ताओं ने उन्हें एक ‘महान संत’ की संज्ञा दी। इस अवसर पर संकल्प लिया गया कि डेविड हॉपकिंस के बहुपक्षीय योगदान और उनके जीवन दर्शन पर केंद्रित एक विशेष स्मारिका शीघ्र ही प्रकाशित की जाएगी, ताकि भावी पीढ़ी उनके कार्यों से प्रेरणा ले सके।

इस भावुक क्षण को और भी यादगार बनाने के लिए लक्ष्मी आश्रम प्रबंधन द्वारा एक बड़ा निर्णय लिया गया। अब से लक्ष्मी आश्रम की वेधशाला को ‘श्री डेविड हॉपकिंस वेधशाला’ के नाम से जाना जाएगा। आश्रम परिवार ने इसे डेविड भाई के प्रति सच्ची और सुखद श्रद्धांजलि बताया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने मौन रखकर इस महान आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
