Connect with us

नई दिल्ली

पश्चिम एशिया संकट का असर: दुनिया भर में गहराया ईंधन संकट, कई देशों में सख्त पाबंदियां

Published

on

खबर शेयर करें 👉

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण दुनिया भर में ईंधन और ऊर्जा का संकट खड़ा हो गया है। पाकिस्तान, श्रीलंका और थाईलैंड समेत कई देशों ने ऊर्जा बचाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।

दुबई/नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी गहराते संकट का असर अब वैश्विक स्तर पर दिखाई देने लगा है। युद्ध और संघर्ष के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे दुनिया भर में ईंधन की भारी कमी का खतरा पैदा हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई एशियाई देशों ने ऊर्जा संरक्षण के लिए बेहद सख्त और अभूतपूर्व कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
पड़ोसी देश पाकिस्तान में ईंधन बचाने के लिए स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ अनिवार्य कर दिया गया है। बांग्लादेश में भी ऊर्जा संकट के कारण शिक्षण संस्थानों को ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं, चीन अपनी घरेलू बाजार में बढ़ती तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए नई रणनीतियों पर काम कर रहा है।
थाईलैंड और श्रीलंका जैसे देशों में भी हालात चुनौतीपूर्ण हैं। थाईलैंड सरकार ने नागरिकों को एयर कंडीशनर (AC) का सीमित इस्तेमाल करने और घर से काम करने की सलाह दी है। श्रीलंका ने ईंधन की खपत कम करने के उद्देश्य से एक दिन का अतिरिक्त सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। म्यांमार में ट्रैफिक और ईंधन बचाने के लिए गाड़ियों पर ‘ऑड-ईवन’ नियम लागू कर दिया गया है।
दक्षिण-पूर्व एशिया में फिलिपींस ने ऊर्जा आपातकाल की घोषणा कर दी है, ताकि जरूरी सामानों की सप्लाई चेन प्रभावित न हो। भूटान में जेरिकैन में ईंधन बेचने पर रोक लगा दी गई है, जबकि वियतनाम सरकार लोगों को निजी वाहनों के बजाय साइकिल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। दक्षिण कोरिया और इंडोनेशिया भी अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक रास्तों की तलाश कर रहे हैं।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement