नैनीताल
नैनीताल में वीआईपी कल्चर पर एक्शन: एसडीएम से उलझना विधायक पुत्र को पड़ा भारी, कार सीज
नैनीताल मालरोड पर जाम के दौरान हूटर बजाकर रौब झाड़ना भाजपा विधायक के बेटे को महंगा पड़ा। एसडीएम नवाजिश खलीक से अभद्रता के बाद पुलिस ने फॉर्च्यूनर को किया सीज।
नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल की प्रसिद्ध मालरोड पर गुरुवार को ‘वीआईपी कल्चर’ का प्रदर्शन करना एक विधायक पुत्र को भारी पड़ गया। ट्रैफिक जाम के दौरान लगातार हूटर बजाने और विरोध करने पर एसडीएम (SDM) के साथ अभद्रता करने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने न केवल वाहन को कब्जे में लिया, बल्कि कागजात अधूरे होने पर उसे सीज भी कर दिया है।
घटना के अनुसार, गुरुवार को मालरोड पर पर्यटकों की भारी आमद के कारण वाहनों का लंबा जाम लगा हुआ था। इसी बीच पीछे से आ रही एक सफेद रंग की फॉर्च्यूनर कार लगातार तेज आवाज में हूटर बजा रही थी। फॉर्च्यूनर के ठीक आगे चल रहे **एसडीएम नवाजिश खलीक** ने किसी आपातकालीन स्थिति या बड़े वीआईपी की संभावना को देखते हुए साइड दे दी। लेकिन साइड मिलने के बाद भी जब हूटर बजना बंद नहीं हुआ, तो एसडीएम ने गाड़ी रुकवाकर चालक से आपत्ति जताई।
गाड़ी रुकते ही भीतर बैठे युवक ने अपना परिचय उत्तर प्रदेश के जहानाबाद विधानसभा से **भाजपा विधायक राजेंद्र पटेल** के पुत्र के रूप में दिया। जब एसडीएम ने नियम समझाने की कोशिश की, तो विधायक पुत्र अपनी राजनीतिक पहुंच का हवाला देते हुए अधिकारी से ही उलझ गया और अभद्रता करने लगा। बीच सड़क पर तीखी नोकझोंक बढ़ते देख मौके पर भारी पुलिस बल पहुंच गया।
पुलिस ने जब वाहन की जांच की तो वीआईपी कल्चर की पोल खुल गई। विधायक का स्टीकर लगी इस फॉर्च्यूनर का पंजीकरण सुरेंद्र कुमार सिंह के नाम पर मिला। जांच में चौंकाने वाली बात यह रही कि चालक के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस था और न ही गाड़ी के बीमा या प्रदूषण से संबंधित वैध दस्तावेज।
नैनीताल पुलिस ने नियमों के उल्लंघन और अभद्रता को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से फॉर्च्यूनर को सीज कर दिया है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि देवभूमि की सड़कों पर नियम सबके लिए बराबर हैं, चाहे वह रसूखदार ही क्यों न हो।
