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नैनीताल में डिजिटल जनगणना 10 अप्रैल से: मोबाइल ऐप पर देने होंगे 33 सवालों के जवाब

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नैनीताल जिले में 10 अप्रैल से डिजिटल जनगणना शुरू हो रही है। पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए 33 सवालों के जवाब देने होंगे। जानिए क्या है पूरी प्रक्रिया और समय सीमा।

नैनीताल:डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए नैनीताल जिले में आगामी 10 अप्रैल से डिजिटल जनगणना की शुरुआत होने जा रही है। इस बार जनगणना की प्रक्रिया पारंपरिक कागजी तरीकों के बजाय आधुनिक तकनीक पर आधारित होगी। जिला जनगणना अधिकारी और एडीएम (वित्त) शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि जिले में मकान सूचीकरण का कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा।
**पहले चरण में ‘स्व-मूल्यांकन’ (Self-Enumeration)**
10 अप्रैल से 24 अप्रैल तक चलने वाले पहले चरण में आम जनता को खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करनी होगी। इसके लिए केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल **(se.census.gov.in)** या मोबाइल ऐप का उपयोग करना होगा। नागरिकों को परिवार के सदस्यों की संख्या से लेकर खान-पान की आदतों तक कुल **33 महत्वपूर्ण सवालों** के जवाब देने होंगे।
**दूसरे चरण में होगा घर-घर सत्यापन**
डिजिटल डेटा भरने के बाद, 25 अप्रैल से 24 मई के बीच दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें सरकारी प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर आपके द्वारा ऑनलाइन दी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे। एक प्रगणक को औसतन 150 से 200 घरों की जिम्मेदारी दी गई है। खास बात यह है कि इस बार वन ग्रामों, खत्तों और खनन क्षेत्रों में रहने वाले झुग्गी-झोपड़ी निवासियों को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।
**इन प्रमुख 33 सवालों के देने होंगे जवाब:**
जनगणना के दौरान आपसे मकान की स्थिति और सुख-सुविधाओं से जुड़े कई सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें प्रमुख हैं:
* मकान की छत, दीवार और फर्श में प्रयुक्त सामग्री।
* परिवार में विवाहित दंपतियों की संख्या और कमरों की उपलब्धता।
* पेयजल का स्रोत, शौचालय का प्रकार और गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था।
* रसोई गैस (LPG/PNG) और खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाला मुख्य ईंधन।
* डिजिटल उपकरण जैसे लैपटॉप, स्मार्टफोन, इंटरनेट और वाहनों (कार/स्कूटर) का विवरण।
* परिवार द्वारा उपभोग किए जाने वाले मुख्य अनाज की जानकारी।
**नगर निगम और निकायों की जिम्मेदारी**
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम क्षेत्रों में जनगणना का कार्य स्वयं निगम प्रशासन द्वारा संपादित किया जाएगा। वहीं, पालिकाओं और पंचायतों में अधिशासी अधिकारियों (EO) को चार्ज अधिकारी बनाया गया है। जनगणना 2027 के तहत मकान सूचीकरण का यह कार्य पूरे देश में चरणों में आयोजित किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य सटीक और पारदर्शी डेटा जुटाना है।

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