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आदि कैलाश यात्रा 2026 शुरू: बुद्ध पूर्णिमा पर खुले कपाट, पहले जत्थे को मिली हरी झंडी
बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित आदि कैलाश मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। एसडीएम धारचूला ने यात्रियों के पहले जत्थे को रवाना किया।
धारचूला: पावन बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर जनपद के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित ‘आदि कैलाश’ में भगवान शिव के मंदिर के कपाट शुक्रवार को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कपाट खुलने के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। इसके साथ ही इस वर्ष की प्रसिद्ध आदि कैलाश और ओम पर्वत दर्शन यात्रा का भी विधिवत शुभारंभ हो गया है।
कपाट उद्घाटन के अवसर पर स्थानीय जनता के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी, आईटीबीपी (ITBP), पुलिस और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन कर विश्व कल्याण और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। आदि कैलाश को हिंदू धर्म में विशेष स्थान प्राप्त है, जिसे शिव के मुख्य धामों में से एक माना जाता है।
धारचूला में उपजिलाधिकारी (SDM) आशीष जोशी ने देश के विभिन्न कोनों से पहुंचे यात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पहले दिन धारचूला से 200 से अधिक यात्री आदि कैलाश के लिए निकले। एसडीएम ने बताया कि यात्रा को लेकर प्रशासन की तैयारियां पूरी हैं और गुरुवार शाम तक इनर लाइन परमिट के लिए 500 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 350 को अनुमति दे दी गई है।
जिला प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। उच्च हिमालयी मार्ग होने के कारण आवास, चिकित्सा और संचार प्रणाली को सुदृढ़ किया गया है। एसडीएम ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए सावधानी बरतें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन के लिए भी मील का पत्थर साबित होती है। इस वर्ष श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा प्रबंधन को पहले से अधिक चौकस कर दिया है, ताकि देश-विदेश से आने वाले शिवभक्तों को कोई असुविधा न हो।
