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खंड शिक्षा अधिकारियों के रवैए पर असंतोष, जिला और प्रदेश स्तर पर उठेगी आवाज

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आरटीई का लाभ पहुंचाने की मांग पर निजी विद्यालयों की बैठक
मुनस्यारी, पिथौरागढ़। एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स कमेटी, पिथौरागढ़ उत्तराखंड द्वारा मुनस्यारी विकास खंड में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें हर्ष मोहन टोलिया को सर्वसम्मति से ब्लॉक संयोजक चुना गया। बैठक में आरटीई (नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम) के तहत आपदा प्रभावित और सीमांत गांवों से मुनस्यारी में रह रहे परिवारों के बच्चों को शिक्षा में प्रवेश न मिलने की गंभीर समस्या पर विस्तार से चर्चा हुई।

आरटीई का लाभ सीमांत क्षेत्र तक पहुंचाने की जरूरत
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि आरटीई के तहत पात्र बच्चों को प्रवेश दिलाने में हो रही बाधाओं को दूर किया जाए। इस संदर्भ में उपजिलाधिकारी मुनस्यारी और खंड शिक्षा अधिकारी मुनस्यारी को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया। आवश्यकता पड़ने पर इस मुद्दे को जिला और प्रदेश स्तर पर उठाने की भी सहमति बनी।

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निजी विद्यालयों की भूमिका को सराहा, अधिकारियों पर नाराजगी
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. किशोर कुमार पंत ने सीमांत विकास खंड में शिक्षा की अलख जगाने वाले सभी निजी विद्यालयों के प्रबंधकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा को लेकर हो रहे पलायन को रोकने में निजी विद्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों के उदासीन रवैए पर असंतोष व्यक्त करते हुए आरटीई का समुचित लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए जिला और प्रदेश स्तर पर वार्ता करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने साझा किए विचार
बैठक में वंशीधर जोशी (शिशु मंदिर), कृष्ण कुमार (पब्लिक स्कूल), सत्यवान जंगपांगी (मार्थोमा मिशन स्कूल), नवीन शर्मा (विवेकानंद स्कूल), हर्ष मोहन सिंह टोलिया (सर्वोदय पब्लिक स्कूल, मुनस्यारी) सहित अन्य विद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने सीमांत क्षेत्रों में शिक्षा के अधिकार को सुलभ बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने की प्रतिबद्धता जताई।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यदि स्थानीय स्तर पर समाधान न मिला, तो इस मुद्दे को जिला और प्रदेश स्तर पर अधिकारियों और सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।

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