अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़
उत्तराखंड में बदलाव के लिए उपपा का बड़ा ऐलान, 2027 चुनाव में उतारेगी प्रत्याशी
26 साल बाद भी उत्तराखंड के मूल सवाल उपेक्षित! उपपा 2027 विधानसभा चुनाव लड़ेगी और राज्यव्यापी परिवर्तन यात्रा निकालेगी। जानिए पूरी खबर।
अल्मोड़ा। राज्य गठन के 26 वर्ष बीत जाने के बाद भी उत्तराखंड के बुनियादी सवाल जस के तस बने हुए हैं। इसी पृष्ठभूमि में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में प्रदेश की अधिकांश सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा की है। पार्टी के इस फैसले से राज्य के राजनीतिक गलियारों में नई हलचल शुरू हो गई है।
अल्मोड़ा में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान पार्टी के केंद्रीय संयोजक पी.सी. तिवारी ने राज्यव्यापी ‘परिवर्तन यात्रा’ का ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह यात्रा प्रदेश के गांव-गांव और शहर-शहर पहुंचेगी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य आम जनता से सीधा संवाद स्थापित करना और उत्तराखंड के मूल सवालों को केंद्र में रखकर एक व्यापक जनआंदोलन खड़ा करना है।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पी.सी. तिवारी ने राष्ट्रीय दलों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बारी-बारी से सत्ता में रही पार्टियों ने केवल सत्ता परिवर्तन की राजनीति की है। इस दौरान जल, जंगल, जमीन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन और पर्यावरण संरक्षण जैसे अत्यंत संवेदनशील मुद्दे लगातार उपेक्षित रहे हैं।
इसके अलावा पार्टी ने युवाओं की समस्याओं को प्रमुखता से रेखांकित किया। उपपा नेताओं ने कहा कि वर्तमान समय में देश और प्रदेश का युवा अभूतपूर्व रोजगार संकट से जूझ रहा है। युवाओं को असल मुद्दों से भटकाने के लिए धर्म, जाति और नफरत की राजनीति की जा रही है। हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए युवा आंदोलन इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि युवा अब वास्तविक बदलाव चाहते हैं।
पार्टी के केंद्रीय प्रधान महासचिव नरेश नौड़ियाल, आनंदी वर्मा और नारायण राम सहित कई पदाधिकारियों की उपस्थिति में उपपा ने सभी जनपक्षीय ताकतों को एकजुट होने का आह्वान किया। पार्टी ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि वे 2027 के चुनाव में एक मजबूत क्षेत्रीय विकल्प को अपना समर्थन दें।
