हल्द्वानी
हल्द्वानी आर्मी कैंट में ‘एक समाज श्रेष्ठ समाज’ संस्था का पौधारोपण अभियान
विश्व पर्यावरण दिवस पर हल्द्वानी आर्मी कैंट में ‘एक समाज श्रेष्ठ समाज’ संस्था ने सेना के जवानों के साथ मिलकर किया पौधारोपण। पढ़ें पर्यावरण संरक्षण का यह बड़ा संदेश।
हल्द्वानी। विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर हल्द्वानी में प्रकृति को बचाने के लिए एक सराहनीय पहल की गई है। सामाजिक संस्था ‘एक समाज श्रेष्ठ समाज’ ने पृथ्वी को स्वच्छ और हरा-भरा रखने का संकल्प लिया है। संस्था के पदाधिकारियों ने भारतीय सेना के जवानों के साथ मिलकर हल्द्वानी आर्मी कैंट परिसर में वृहद पौधारोपण अभियान चलाया। इस अभियान के तहत परिसर में कई फलदार और छायादार पौधे रोपे गए।
यह पूरा कार्यक्रम संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू और मार्गदर्शिका पूर्णिमा रजवार के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस दौरान संस्था के सदस्यों ने सेना के जवानों के साथ मिलकर आम जनमानस को जागरूक किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे न केवल अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाएं, बल्कि उनका सही तरीके से संरक्षण भी सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम के दौरान संस्था के सचिव नन्दकिशोर आर्या और सदस्य खुशी नागर ने पर्यावरण और मानव के घनिष्ठ संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारे स्वस्थ जीवन के लिए पृथ्वी पर स्वच्छ पर्यावरण का होना बेहद जरूरी है। हमारी हवा, पानी और भोजन जैसी मूलभूत जरूरतें पूरी तरह से प्रकृति पर ही निर्भर हैं। बहुत से वृक्ष आयुर्वेदिक औषधि होने के साथ-साथ हमें प्राणवायु ऑक्सीजन भी प्रदान करते हैं।
वक्ताओं ने आगे कहा कि बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने में वृक्षों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। वाहनों और उद्योगों से निकलने वाले धुएं को पेड़ काफी हद तक सोख लेते हैं। बिना वृक्षों के हमें कभी भी शुद्ध वातावरण प्राप्त नहीं हो सकता है। इसलिए पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी नागरिकों की नैतिक जिम्मेदारी है, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ रह सके।
इस सफल अभियान में सैन्य अधिकारियों और जवानों ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभाई। संस्था की ओर से कोषाध्यक्ष बलराम हालदार, अमित आर्या, सूरज मिस्त्री, सुशील राय, मनीष साहू, अमन कुमार, दीपक कुमार, सूरज कुम्हार और मुकेश कुमार सहित कई लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में देशहित और समाजहित के लिए पर्यावरण को बचाने का दृढ़ संकल्प लिया।
