उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में 8 जून से घर-घर आएंगे BLO; जानें वोटर लिस्ट में नाम जांचने का नया नियम
उत्तराखंड में 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत BLO घर-घर जाकर गणना फॉर्म बांटेंगे। वोटर लिस्ट में नाम सुधारने और नया नाम जोड़ने की पूरी प्रक्रिया जानें।
देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की शुरुआत हो चुकी है। राज्य के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे अभियान की विस्तृत जानकारी साझा की है। प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर योग्य नागरिकों की पहचान की जा रही है।
इस अभियान के तहत आगामी 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर गणना फार्म का वितरण और संकलन करेंगे। यदि कोई मतदाता पहली बार में घर पर नहीं मिलता है, तो निर्वाचन आयोग के नियमानुसार BLO कुल तीन बार आपके घर विजिट करेंगे। इसी एक महीने की अवधि के दौरान मतदाताओं के सभी गणना फार्मों को विशेष बीएओ ऐप के माध्यम से डिजिटलाइज करके सर्वर पर अपलोड किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण डिजिटल मुहिम के तहत प्रदेश के लगभग 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं को गणना फार्म उपलब्ध कराए जाएंगे। आम लोग स्वयं भी भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से अपना गणना फार्म ऑनलाइन डाउनलोड करके भर सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए अपने क्षेत्रीय BLO से संपर्क कर नया फॉर्म 6 भी भर सकता है।
मतदाताओं की सुविधा के लिए इस बार ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ का एक बेहतरीन डिजिटल फीचर भी शुरू किया गया है। इसके जरिए नागरिक राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (voters.eci.gov.in) पर जाकर एक क्लिक में अपने BLO के साथ फोन कॉल बुक कर सकते हैं। इसके अलावा, नागरिक अपनी पुरानी जानकारी खोजने के लिए वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड की वेबसाइट (ceo.uk.gov.in) पर देख सकते हैं।
प्रशासन ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी राजनैतिक दलों के साथ बैठक कर उनसे शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) नियुक्त करने की अपील की है। उत्तराखंड के कुल 11,733 पोलिंग बूथों पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। सभी दावों और आपत्तियों के अंतिम निस्तारण के बाद 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा।
