Report by : CWN Desk
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काशीपुर फर्जी शस्त्र लाइसेंस कांड: एसटीएफ ने एक और आरोपी को दबोचा, अब तक 10 गिरफ्तार

उत्तराखंड एसटीएफ ने काशीपुर में फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क के आरोपी दानिश को अवैध हथियारों और फर्जी आधार कार्ड के साथ गिरफ्तार किया है।

काशीपुर। उत्तराखंड में अवैध हथियारों और फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के सिंडिकेट के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का ताबड़तोड़ एक्शन जारी है। एसटीएफ की टीम ने उधमसिंह नगर जिले के काशीपुर (कुंडा थाना क्षेत्र) के ग्राम सरवरखेड़ा में दबिश देकर इस नेटवर्क से जुड़े एक और शातिर अपराधी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है, जिससे अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है।
एसटीएफ की गिरफ्त में आए आरोपी की पहचान दानिश उर्फ दानू के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने जब आरोपी की तलाशी ली, तो उसके पास से भारी मात्रा में अवैध असलाह और दस्तावेज बरामद हुए। एसटीएफ ने दानिश के कब्जे से एक 30 बोर की सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, एक 315 बोर की सेमी ऑटोमैटिक राइफल और 17 जिंदा कारतूस जब्त किए हैं। इसके अलावा, आरोपी के पास से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के दो जाली शस्त्र लाइसेंस और एक फर्जी पहचान पत्र भी बरामद किया गया है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “अपराध मुक्त उत्तराखंड” विजन के तहत पुलिस और एसटीएफ की टीमें लगातार काम कर रही हैं। शासन के निर्देश पर दूसरे राज्यों से ट्रांसफर होकर उत्तराखंड आने वाले सभी शस्त्र लाइसेंसों की बारीकी से स्क्रूटनी की जा रही है। इसी कड़ी में 4 जून को काशीपुर कोतवाली में दर्ज हुए मुकदमे के आधार पर तकनीकी साक्ष्य जुटाकर यह ताजा गिरफ्तारी की गई है।
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क बाहरी राज्यों के फर्जी पतों और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे उत्तराखंड में अवैध हथियारों को वैध बनाने का खेल खेल रहा था। गिरफ्तार आरोपी दानिश इस सिंडिकेट का एक मजबूत मोहरा था, जो हथियारों की सप्लाई और फर्जी कागजात तैयार करने में मदद करता था। एसटीएफ के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि इस पूरे नेटवर्क की जड़ें खंगालने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
इस बड़े खुलासे के बाद एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार और किन-किन राज्यों से जुड़े हैं। पुलिस को अंदेशा है कि पकड़े गए आरोपियों की मदद से कई अन्य लोगों ने भी फर्जी तरीके से हथियार हथियाए हो सकते हैं। अधिकारियों ने सख्त चेतावनी दी है कि इस आपराधिक नेटवर्क में शामिल किसी भी दोषी, चाहे वह कोई रसूखदार हो या मददगार, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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