नैनीताल
नैनीताल : गुप्तेश्वर मंदिर के महंत का संदिग्ध शव मिला, एक दिन पहले हुआ था बड़ा विवाद
नैनीताल के प्राचीन गुप्तेश्वर मंदिर के महंत कृष्णा गिरी महाराज का शव संदिग्ध हालत में फंदे से लटका मिला। घटना से एक दिन पहले मजदूरों से हुआ था बड़ा विवाद। पूरी खबर पढ़ें।
नैनीताल (गरमपानी): उत्तराखंड के नैनीताल जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। भवाली-अल्मोड़ा हाईवे पर गंगोरी क्षेत्र में स्थित प्राचीन गुप्तेश्वर मंदिर के महंत कृष्णा गिरी महाराज का शव शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। 55 वर्षीय महंत का शव मंदिर के ऊपर बनी कुटिया में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलते ही खैरना पुलिस और फॉरेंसिक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए।
स्थानीय श्रद्धालुओं ने शुक्रवार सुबह जब मंदिर परिसर में महंत जी का शव लटका देखा, तो तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी। घटना की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण और भक्त मंदिर में जमा हो गए। ग्रामीणों के अनुसार, महंत कृष्णा गिरी पिछले 15 वर्षों से इस मंदिर में रहकर धार्मिक सेवा और व्यवस्था संभाल रहे थे। क्षेत्र में उनकी पहचान एक बेहद शांत और धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति के रूप में थी, जिससे उनकी मौत पर कई सवाल उठ रहे हैं।
इस मामले में एक नया और गंभीर पहलू भी सामने आया है। ग्रामीणों ने बताया कि घटना से एक दिन पहले यानी गुरुवार को मंदिर के नीचे बहने वाली कोसी नदी में कुछ मजदूर संरक्षित मछलियों को मार रहे थे। महंत कृष्णा गिरी ने इसका कड़ा विरोध किया था, जिसके बाद उनके और मजदूरों के बीच काफी देर तक तीखी बहस हुई थी। विवाद बढ़ने पर ग्रामीणों ने देर शाम उन मजदूरों को सामान समेत गांव से बाहर निकाल दिया था।
फिलहाल खैरना चौकी प्रभारी सतीश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि पुलिस मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कर रही है। दोनों पक्षों से जरूरी जानकारी और पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा।
