देहरादून
कुल्हाल बॉर्डर पर हंगामा: निहंगों ने प्रशासन को दी 2 दिन की मोहलत
कर्णप्रयाग विवाद के बाद कुल्हाल बॉर्डर पर बैरिकेडिंग तोड़कर उत्तराखंड में घुसे निहंग। प्रशासन से वार्ता के बाद पांवटा लौटे, दो दिन में मांगें पूरी न होने पर दी चेतावनी।
विकासनगर। उत्तराखंड के कर्णप्रयाग और नगरासू गुरुद्वारे में हुए विवाद के बाद कुल्हाल बॉर्डर पर भारी तनाव देखा गया। पंजाब से आए करीब डेढ़ सौ निहंग सिखों ने गुरुवार देर रात कुल्हाल बॉर्डर पर लगी बैरिकेडिंग तोड़ दी और दून की सीमा में दाखिल हो गए। इस घटना के बाद सीमा पर हड़कंप मच गया और आनन-फानन में भारी पुलिस बल और अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। एसएसपी हरिद्वार नवनीत भुल्लर और एसपी देहरादून ग्रामीण पंकज गैरोला ने निहंगों के साथ पांवटा साहिब गुरुद्वारे में मैराथन वार्ता की। प्रशासन से मिले निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद गुरुवार रात करीब ढाई बजे निहंग वापस पांवटा लौट गए। हालांकि, उन्होंने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए प्रशासन को दो दिन का समय दिया है।
निहंगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके साथियों की रिहाई और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सोमवार को फिर उत्तराखंड कूच करेंगे। निहंगों की मुख्य मांगों में कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार चार साथियों को छोड़ना और एम्स में भर्ती घायल साथी से मिलने देना शामिल है। इस अल्टीमेटम के बाद प्रशासन बेहद सतर्क नजर आ रहा है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
शुक्रवार दोपहर बाद दोनों राज्यों के बीच कुल्हाल पुल से बैरियर हटाकर आवाजाही को दोबारा बहाल कर दिया गया है। इससे पहले डीएम आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने खुद कुल्हाल बॉर्डर का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। फिलहाल एहतियात के तौर पर बॉर्डर और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती बरकरार रखी गई है।
