देहरादून
हरिद्वार जमीन घोटाला: आईएएस वरुण चौधरी समेत 10 पर मुकदमा, 3 राज्यों में विजिलेंस की छापेमारी
हरिद्वार नगर निगम जमीन घोटाले में बड़ी कार्रवाई। आईएएस वरुण चौधरी समेत 10 लोगों पर केस दर्ज, विजिलेंस ने 3 राज्यों के 8 ठिकानों पर मारे छापे। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
देहरादून। उत्तराखंड के हरिद्वार नगर निगम में हुए चर्चित जमीन घोटाले में विजिलेंस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की है। मामले में आरोपी आईएएस अधिकारी वरुण चौधरी सहित 10 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। केस दर्ज होते ही विजिलेंस की आठ अलग-अलग टीमों ने कोर्ट से सर्च वारंट लेकर तीन राज्यों में आरोपियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी।
यह पूरा मामला हरिद्वार नगर निगम द्वारा किसानों से खरीदी गई कृषि भूमि से जुड़ा है। शुरुआत में इस कृषि जमीन की कीमत करीब 15 करोड़ रुपये आंकी गई थी। लेकिन तत्कालीन अधिकारियों ने मिलीभगत कर कुछ ही दिनों में इसका भू-उपयोग कृषि से बदलकर आवासीय कर दिया। भू-उपयोग बदलते ही जमीन की कीमत जादुई तरीके से बढ़कर 54 करोड़ रुपये हो गई और आनन-फानन में इसे खरीद लिया गया।
विजिलेंस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय जनता ने इस कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले बड़े अधिकारियों पर ऐसी सख्त कार्रवाई जरूरी थी। वहीं, कानून विशेषज्ञों के अनुसार, इस मामले में आरोपियों पर शिकंजा और कड़ा हो सकता है क्योंकि पुख्ता सबूतों के आधार पर ही शासन ने मुकदमे की अनुमति दी है।
फिलहाल इस मामले की विस्तृत जांच विजिलेंस की डिप्टी एसपी हर्षवर्धनी सुमन को सौंपी गई है। शुक्रवार सुबह विजिलेंस की टीमों ने दिल्ली, लखनऊ, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, देहरादून और ऋषिकेश में एक साथ दबिश दी। घोटाले में तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी के अलावा सहायक नगर आयुक्त रवींद्र कुमार दयाल, कर अधीक्षक लक्ष्मीकांत भट्ट और जमीन बेचने वाले कई निजी व्यक्तियों को नामजद किया गया है।
