हरिद्वार
हरेला पर्व 2026: पौधे को वृक्ष बनाने तक संरक्षण ही असली पौधारोपण है
स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति ने हरिद्वार में मनाया हरेला पर्व। जितेन्द्र रघुवंशी ने कहा- पौधे का संरक्षण ही पौधारोपण की सार्थकता है।
हरिद्वार। उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकपर्व हरेला पर्व 2026 के पावन अवसर पर हरिद्वार में बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाया गया. स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति ने अमर शहीद जगदीश वत्स पार्क में पौधे लगाकर पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लिया. इस अवसर पर समिति के सदस्यों ने ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए एकजुट होकर काम करने पर जोर दिया. वक्ताओं ने कहा कि धरती को बचाने के लिए अब हमें हरियाली को बढ़ाना ही होगा. उन्होंने सभी से पर्यावरण के प्रति सजग रहने की अपील भी की.
समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने इस मौके पर एक बेहद महत्वपूर्ण संदेश दिया. उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाने की औपचारिकता पूरी कर लेना काफी नहीं है. जब तक रोपित किया गया पौधा एक मजबूत वृक्ष न बन जाए, तब तक उसकी देखभाल करना ही सच्चे अर्थों में पौधारोपण अभियान की सार्थकता है. उन्होंने सुझाव दिया कि हर व्यक्ति को अपने पूर्वजों और अपनी मां के नाम पर कम से कम दो पौधे जरूर रोपने चाहिए. पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए लगाए गए पौधों की हर महीने समीक्षा की जानी चाहिए.
कार्यक्रम में मौजूद हरित ऋषि विजय पाल बघेल ने इस मुहिम की सराहना की. उन्होंने पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पौधे ही हमारी असली ऑक्सीजन फैक्ट्रियां हैं. उन्होंने मांग की कि हर साल 16 जुलाई यानी कर्क संक्रांति के दिन को ‘अन्तर्राष्ट्रीय वृक्ष दिवस’ घोषित किया जाना चाहिए. इस विशेष दिन सूर्य देव दक्षिणायन होते हैं, जो प्रकृति की नई शुरुआत का प्रतीक है. समिति के इस विचार का वहां उपस्थित सभी लोगों ने पूरे उत्साह के साथ समर्थन किया.
इस अभियान के संयोजक सुरेश चंद सुयाल ने बताया कि वृक्षों को बचाने की यह जंग लगातार जारी रहेगी. इस पर्यावरण उत्सव में राजकीय प्राथमिक विद्यालय, ज्वालापुर के छात्र-छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया. बच्चों ने रोपे गए पौधों के संरक्षण की शपथ लेकर इस पर्व को और अधिक खास बना दिया।
