उत्तराखंड पुलिस
दिल्ली में पेपर लीक प्रदर्शन में पहुंचा उत्तराखंड पुलिस का जवान, मचा हड़कंप
दिल्ली में पेपर लीक आंदोलन में पहुंचे उत्तराखंड पुलिस सिपाही शेर सिंह के बयान से हड़कंप। कहा- युवा पिटेंगे तो देश कैसे बढ़ेगा।
दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में पेपर लीक को लेकर चल रहे युवाओं के प्रदर्शन के बीच एक अभूतपूर्व मामला सामने आया है। उत्तराखंड पुलिस का एक जवान विभागीय नियमों से परे हटकर सीधे दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में शामिल हो गया। सिपाही के प्रदर्शन में पहुंचने की सूचना मिलते ही उत्तराखंड पुलिस महकमे से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक हड़कंप मच गया।
आंदोलनकारी युवाओं के बीच पहुंचे सिपाही शेर सिंह ने खुलकर छात्रों का समर्थन किया। मंच से युवाओं को संबोधित करते हुए उसने कहा कि उत्तराखंड में सैकड़ों पुलिसकर्मी नौकरी से इस्तीफा देकर इस आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए तैयार बैठे हैं। उसने सवाल उठाया कि यदि देश का युवा अपने अधिकारों के लिए ऐसे ही सड़कों पर पिटता रहेगा, तो देश आगे कैसे बढ़ेगा।
सिपाही शेर सिंह ने अपने संबोधन के दौरान बेहद भावुक और कड़ा बयान भी दिया। उसने कहा कि जिस समय आंदोलनकारी युवाओं पर लाठीचार्ज हो रहा था, उस वक्त वह भ्रष्ट नेताओं की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात था। उसने दावा किया कि जब उसने एक प्रदर्शनकारी बहन पर लाठियां बरसते देखीं, तो उसका मन बेहद आक्रोशित हो उठा और उसे गहरा मानसिक धक्का लगा।
उत्तराखंड पुलिस के सिपाही का यह बयान और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वर्दी में या सेवा में रहते हुए इस तरह राजनीतिक और सार्वजनिक आंदोलन में शामिल होने को लेकर पुलिस मुख्यालय भी हरकत में आ गया है। इस पूरे प्रकरण में जवान पर विभागीय अनुशासनहीनता के तहत सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में धांधली को लेकर देशभर के युवाओं में लंबे समय से रोष देखने को मिल रहा है। हालांकि, किसी सेवारत पुलिसकर्मी का इस तरह सार्वजनिक मंच पर आकर व्यवस्था के खिलाफ बयान देना पुलिस बल के अनुशासन और जवानों के भीतर पनप रहे असंतोष दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
