Report by : CWN Desk
Published at :
ऋषिकेश: ‘जीवित’ होने की अफवाह पर परिजनों का खुलासा, सोशल मीडिया पर वायरल खबर भ्रामक

ऋषिकेश में एम्बुलेंस के हिचकोले से बुजुर्ग के जीवित होने की अफवाह पर परिजनों ने स्थिति स्पष्ट की। परिजनों ने सोशल मीडिया की खबरों को भ्रामक बताया।

ऋषिकेश। आईडीपीएल गीतानगर निवासी एक 80 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति के अचानक जीवित होने की खबर इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस घटना की सच्चाई जानने के लिए जब परिजनों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने पूरी स्थिति स्पष्ट की। स्वजनों ने बताया कि बुजुर्ग की दोनों किडनियां और दिल गंभीर रूप से खराब थे, जिसके चलते बीते तीन दिनों से उनका इलाज जौलीग्रांट अस्पताल में चल रहा था।
बुधवार को डॉक्टरों ने परिजनों को जानकारी दी कि मरीज की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है और अब उन्हें घर ले जाकर सेवा-संभाल करने की सलाह दी गई। इसके बाद डॉक्टर की सहमति से परिजनों को ऑक्सीजन सिलेंडर और एम्बुलेंस की सहायता से डिस्चार्ज कर दिया गया। घर लाते समय गुमानीवाला रेलवे फाटक के समीप सड़क के गड्ढे में एम्बुलेंस के हिचकोले खाने से बुजुर्ग की आंखें अचानक खुल गई थीं।
आंखें खुलने के बाद परिजन घबरा गए और तुरंत बेहतर उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश लेकर पहुंचे। हालांकि, एम्स के गेट पर परिजनों के आपसी विचार-विमर्श और सलाह के बाद वे बुजुर्ग को वापस ले आए। परिजनों ने पहले शहर के एक निजी अस्पताल ले जाने की योजना बनाई, लेकिन अंततः मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें घर ले आया गया, जहां देर रात बुजुर्ग का निधन हो गया।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की खबरें और अफवाहें तैरने लगीं, जिससे परिजनों के पास सगे-संबंधियों के फोन आने लगे। परिजनों ने स्पष्ट किया कि जौलीग्रांट अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीज की हालत केवल नाजुक बताई थी, उन्हें मृत घोषित नहीं किया था। परिजनों ने सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को पूरी तरह भ्रामक और गलत करार देते हुए लोगों से अफवाह न फैलाने की अपील की है।

Follow CWN TODAY on WhatsAppJoin ›