उत्तराखण्ड
धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला: हल्द्वानी में बनेगा हाईकोर्ट, 15 प्रस्तावों पर मुहर
उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में 15 अहम फैसलों पर मुहर लगी। हल्द्वानी में हाईकोर्ट निर्माण, समान मजदूरी संहिता और गो-पालन योजना में सब्सिडी जैसे फैसले शामिल हैं।
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास को नई दिशा देने वाले कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। इस बैठक में जनकल्याण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार, शिक्षा और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। सरकार के इन फैसलों से राज्य के किसानों, श्रमिकों और युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए राज्य सरकार ने गौ पालन योजना का दायरा बढ़ा दिया है। अब सामान्य वर्ग के पशुपालक भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। इसके साथ ही गाय और भैंस की खरीद पर मिलने वाली यूनिट कॉस्ट 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी।
श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए ‘उत्तराखण्ड मजदूरी संहिता नियमावली-2026’ लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत हर महीने की 7 तारीख तक वेतन भुगतान, डिजिटल ट्रांसफर, समान काम के लिए महिला-पुरुष को समान वेतन और ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा, औद्योगिक विवादों के त्वरित समाधान के लिए ‘उत्तराखण्ड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026’ को भी मंजूरी दी गई है।
अवसंरचना और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर सहमति बनी है। वहीं न्यायिक ढांचे को बेहतर बनाने के लिए हल्द्वानी के लामाचौड़ में उच्च न्यायालय परिसर हेतु लगभग 40 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। गौलापार में राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 122 पदों के सृजन की भी मंजूरी मिली है।
राज्य सरकार के ये फैसले उत्तराखंड में स्वरोजगार, पारदर्शी प्रशासन और आधारभूत विकास को नई रफ्तार देंगे।
जनकल्याण, रोजगार, शिक्षा, श्रमिक हित और आधारभूत विकास को नई गति : धामी कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले
अब सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी गौ एवं भैंस खरीद पर मिलेगा अनुदान
कैबिनेट ने राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी योजना से जोड़ने का निर्णय लिया। अब लाभार्थी गाय के साथ-साथ भैंस खरीदने का विकल्प भी चुन सकेंगे। पशु की यूनिट कॉस्ट 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। इससे प्रथम वर्ष में लगभग 2128 पशुपालकों को लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वरोजगार तथा पलायन रोकने में सहायता मिलेगी।
उत्तराखण्ड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने मजदूरी संहिता, 2019 के तहत उत्तराखण्ड मजदूरी संहिता नियमावली, 2026 लागू करने का निर्णय लिया। इसमें न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन, डिजिटल भुगतान तथा समान कार्य के लिए महिला एवं पुरुष को समान वेतन सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों के लिए नई संचालन नियमावली
समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित छात्रावासों के लिए संचालन नियमावली, 2026 लागू करने का निर्णय लिया गया। इससे अनुसूचित जाति एवं जनजाति के मेधावी छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आवास, भोजन तथा सर्वांगीण विकास की सुविधाएं सुनिश्चित होंगी।
ईको टूरिज्म को मिलेगा नया प्रोत्साहन
ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की संरचना में संशोधन किया गया। समिति में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल करते हुए पर्यावरण संरक्षण, जड़ी-बूटी प्रबंधन, कूड़ा नियंत्रण तथा स्थानीय समुदायों के बेहतर समन्वय को मजबूत किया जाएगा।
जीएसटी अधिनियम में संशोधन अध्यादेश को स्वीकृति
केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधनों के अनुरूप उत्तराखण्ड माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने का निर्णय लिया गया, जिससे राज्य की कर व्यवस्था राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप अद्यतन बनी रहेगी।
हल्द्वानी में हाईकोर्ट कॉम्प्लेक्स के लिए भूमि हस्तांतरण को मंजूरी
कैबिनेट ने हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकता अनुसार लगभग 40 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण हेतु हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।
राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन हेतु 122 पद सृजित होंगे
उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गौलापार (हल्द्वानी) के सुचारू संचालन के लिए 122 नियमित पदों के साथ आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से आवश्यक तकनीकी एवं सहायक पदों की स्वीकृति दी गई। इससे खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध होगा।
बंगाली अनुसूचित जाति सहायता कोष संचालन समिति में संशोधन
दिनेशपुर एवं शक्तिफार्म क्षेत्र के बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के हितों को ध्यान में रखते हुए सहायता कोष संचालन समिति में उपाध्यक्ष एवं सदस्य पदों पर उसी समुदाय से नामांकन का निर्णय लिया गया।
सहकारी समिति नियमावली से भेदभावपूर्ण प्रावधान हटेंगे
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखण्ड सहकारी समिति नियमावली, 2004 में संशोधन कर कुष्ठ रोग से संबंधित भेदभावपूर्ण प्रावधान हटाए जाएंगे तथा उनकी जगह मानसिक अक्षमता संबंधी न्यायालय द्वारा घोषित प्रावधान को शामिल किया जाएगा।
जल जीवन मिशन की योजनाओं के लिए नया हस्तांतरण प्रोटोकॉल लागू
ग्रामीण पेयजल योजनाओं की कमीशनिंग तथा ग्राम पंचायतों एवं ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तांतरण हेतु भारत सरकार के निर्धारित प्रोटोकॉल को राज्य में लागू करने का निर्णय लिया गया।
वन विकास निगम में स्केलर भर्ती होगी अधिक पारदर्शी
उत्तराखण्ड वन विकास निगम सेवा (संशोधन) विनियमावली, 2026 लागू करते हुए स्केलर पदों के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा का प्रावधान किया गया, जिससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आयोग की चयन प्रणाली के अनुरूप होगी।
हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार का रास्ता साफ
उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड सरकार के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए समझौता ज्ञापन किए जाने का निर्णय लिया गया। इससे धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक निवेश, व्यापार और रोजगार को नई गति मिलेगी।
उत्तराखण्ड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के तहत उत्तराखण्ड औद्योगिक संबंध नियमावली, 2026 लागू करने का निर्णय लिया। इसमें औद्योगिक विवादों के समयबद्ध समाधान, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, शिकायत निवारण समितियों का गठन, हड़ताल एवं तालाबंदी की स्पष्ट प्रक्रिया तथा श्रमिक री-स्किलिंग फंड जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।
कैबिनेट के इन निर्णयों से प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती, पशुपालकों की आय में वृद्धि, श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण, विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं, खेल एवं न्यायिक आधारभूत ढांचे का विस्तार, ईको टूरिज्म को प्रोत्साहन, पेयजल प्रबंधन में सुधार तथा औद्योगिक एवं अवसंरचनात्मक विकास को नई दिशा मिलेगी। राज्य सरकार का लक्ष्य जनकल्याण, पारदर्शी प्रशासन, रोजगार सृजन और समावेशी विकास को गति देना है।
