नैनीताल
पतलोट डिग्री कॉलेज की समस्याओं पर आश्वासन के बाद भी आदेश का इंतजार
ओखलकांडा के पतलोट राजकीय महाविद्यालय में विधायक के आश्वासन के बाद भी मांगों पर शासन का आदेश नहीं आया है। छात्रों ने जल्द समाधान की मांग की है।
नैनीताल। जनपद अंतर्गत ओखलकांडा स्थित राजकीय महाविद्यालय पतलोट की शैक्षणिक एवं आधारभूत समस्याओं को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। छात्र-छात्राओं द्वारा पूर्व में किए गए धरना-प्रदर्शन और आंदोलन के बाद भले ही जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हो गया था, लेकिन अब तक शासन स्तर से कोई ठोस कार्रवाई या आधिकारिक आदेश न आने से विद्यार्थियों में निराशा बढ़ रही है।
कॉलेज की समस्याओं को लेकर छात्रों ने पूर्व में विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद क्षेत्रीय विधायक और केंद्रीय मंत्री से संपर्क कर समस्याओं के समाधान की गुहार लगाई गई थी। विधायक के आश्वासन के बाद छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन समाप्त कर दिया था। इसके बाद जनप्रतिनिधि द्वारा देहरादून जाकर शासन स्तर पर मांगें रखने की बात कही गई थी, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी कोई लिखित शासनादेश जारी नहीं हुआ है।
पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष लीला पोखरिया ने कहा कि सीमांत एवं दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के अवसर पहले से ही बेहद सीमित हैं। ऐसे में कॉलेज में आवश्यक विषयों की स्वीकृति, योग्य प्राध्यापकों की नियुक्ति और मूलभूत सुविधाओं का अभाव सैकड़ों छात्र-छात्राओं के भविष्य को प्रभावित कर रहा है। जनप्रतिनिधि के आश्वासन के बाद भी निर्णय में देरी होने से छात्रों के मन में अपने भविष्य को लेकर स्वाभाविक सवाल उठ रहे हैं।
छात्रों ने उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षा विभाग और संबंधित जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द आधिकारिक निर्णय लिया जाए। पूर्व छात्रसंघ प्रतिनिधियों कमल, दीपक, रेनू, विनोद और आशा सहित अन्य विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो छात्रों को एक बार फिर से अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
