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सुब्रमण्यम स्वामी के बाद अब गंगा सभा के पूर्व अध्यक्ष ने भी हरकी पैड़ी कॉरिडोर पर उठाए सवाल

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श्री गंगा सभा के पूर्व अध्यक्ष ने सीएम को भेजा पत्र, पुनर्विचार करने का आग्रह, बोले हरकी पैड़ी कॉरिडोर बनने से हजारों की रोजी-रोटी पर आएगा संकट

हरिद्वार। श्री गंगा सभा के पूर्व अध्यक्ष पंडित राम कुमार मिश्रा ने हरिद्वार में काशी विश्वनाथ की तर्ज पर कॉरिडोर बनाने की परियोजना पर
सवाल उठाए हैं। कहा कि काशी और हरिद्वार की भौगोलिक स्थिति एकदकम अलग हैं। हरिद्वार के घाट खुले और काफी चौड़े हैं। कॉरिडोर बनने से हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर संकट छीन जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर परियोजना पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
श्री गंगा सभा के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि हरकी पैड़ी के एक तरफ मां गंगा हैं तो दूसरी तरफ नीलाधारा है। मां चंडीदेवी और मंशा देवी का पौराणिक।मंदिर है। काशी विश्वनाथ की तर्ज पर हरकी पैड़ी कॉरिडोर बनाने की योजना बनाई जा रही है। काशी विश्वनाथ मंदिर में आने-जाने के लिए छोटी और संकरी गलियां थी। लेकिन हरकी पैड़ी की परिस्थिति एकदम अलग है। हरकी पैड़ी कई जगहों से मुख्य मार्ग से जुड़ा है। 2004 अर्द्धकुंभ में निर्मित भीमगोड़ा से कांगड़ा मंदिर तक गंगा किनारे भव्य और चौड़े घाट बने हैं। पंतद्वीप और रोड़ीबेलवाला, सीसीआर टावर से आने-जाने के लिए पुल बने हैं। प्रत्येक कुंभ में हरकी पैड़ी पर आवागमन के लिए अस्थाई चार लोहे के पुल बनाए जाते हैं।
पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि हरकी पैड़ी कॉरिडोर परियोजना में की जगह वीआईपी घाट के निकट से भी पुल बनाकर हरकी पैड़ी पर आवागमन सुरक्षित बनाया जा सकता है। मालवीय द्वीप घाट को पंतद्वीप घाट से जोड़कर प्लेटफार्म बढ़ाया।जा सकता है। जिस प्रकार भीमगोड़ा से कांगड़ा पुल तक घाट बना है, उसी
प्रकार हरकी पैड़ी से मायापुर तक बने हुए भवनों के आगे विशाल घाट बनाए जा सकते हैं। इससे हरिद्वार की पौराणिकता बनी रहेगी एवं हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर संकट नहीं आएगा।
हरकी पैड़ी के आसपास के क्षेत्र में सब्जी मंडी, विष्णु घाट, मायापुर तक।अनेक भवन बने हैं। जिसमें बाहर से आने वाले  श्रद्धालु रुकते हैं। भवनों के टूटने से सबसे अधिक नुकसान पुरोहित समाज को होगा। जिनकी गद्दी
प्राचीनकाल से ही हरकी पैड़ी एवं कुशा घाट पर बनी हुई हैं उनकी पुरोहिताई का कार्य प्रभावित होगा। अनादि काल से चली आ रही धार्मिक एवं सनातन धर्म।को मानने वालों के आस्था और विश्वास की परंपरा का विषय है। पंडित राम कुमार मिश्रा श्री गंगा सभा में दो बार अध्यक्ष और एक बार महामंत्री रह चुके हैं।

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