नैनीताल
नैनीताल में ‘एक शाम सैनिकों के नाम’, राज्यपाल ने वीर जवानों को किया सम्मानित
नैनीताल के लोक भवन में आयोजित ‘एक शाम सैनिकों के नाम’ कार्यक्रम में राज्यपाल गुरमीत सिंह और सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने वीर जवानों को सम्मानित किया।
नैनीताल: उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने सोमवार को लोक भवन, नैनीताल में सैनिक कल्याण विभाग द्वारा आयोजित एक बेहद गौरवमयी कार्यक्रम में शिरकत की। एक शाम सैनिकों के नाम’ नामक इस विशेष आयोजन में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने देश की रक्षा में अदम्य साहस दिखाने वाले वीरता पदक विजेताओं, सेवारत व पूर्व सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने उत्तराखंड की सैन्य परंपरा की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि देवभूमि के साथ-साथ यह राज्य एक ‘वीरभूमि’ भी है, जिसके जवानों ने हर मोर्चे पर देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने भारतीय सेना के ऐतिहासिक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए इसे सामरिक क्षमता और अद्वितीय शौर्य का बेजोड़ प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने दुनिया के सामने भारतीय सेना की रणनीतिक दक्षता को साबित किया है।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने देश के रक्षकों को एक नया नारा देते हुए कहा कि हमारे सैनिक ‘भूतपूर्व’ नहीं, बल्कि हमेशा ‘अभूतपूर्व’ होते हैं। सैनिक जीवन व्यक्ति को आजीवन अनुशासन, आत्मसंयम और राष्ट्र के प्रति बिना शर्त समर्पण की भावना सिखाता है। इस ऐतिहासिक पल में उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे देश के इन हीरोज के जीवन मूल्यों और अनुभवों से प्रेरणा लें।
सम्मान समारोह के दौरान ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा (शौर्य चक्र) और ग्रुप कैप्टन कुणाल कालरा (वीर चक्र) सहित थल सेना, वायु सेना और अर्धसैनिक बलों (SSB, ITBP, SDRF) के कई जांबाज जवानों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, सैन्य क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल केंद्र लैंसडाउन को प्रतिष्ठित राज्यपाल प्रशस्ति पत्र से नवाजा गया। इस मौके पर सेना के कई बड़े अधिकारी और वीर नारियां भी मौजूद रहीं।
