नई दिल्ली
बजट 2026: शेयर बाजार पर टैक्स की मार, निवेशकों के डूबे करोड़ों रुपये
बजट 2026 में F&O ट्रेडिंग पर STT बढ़ने से शेयर बाजार में हाहाकार। सेंसेक्स और निफ्टी में 2% की भारी गिरावट। जानिए टैक्स के नए नियमों का निवेशकों पर क्या होगा असर।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट 2026 में Securities Transaction Tax (STT) बढ़ाने के एलान के बाद शेयर बाजार में भूकंप आ गया है। फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर टैक्स बढ़ने की खबर से निवेशकों ने जोरदार बिकवाली की। इसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 2 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
आंकड़ों की बात करें तो 30 शेयरों वाला BSE Sensex 1546.84 अंक यानी 1.88 प्रतिशत गिरकर 80,722.94 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 50 में भी 495.20 अंकों की गिरावट देखी गई और यह 24,825.45 पर आ गया। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि ट्रांजैक्शन कॉस्ट बढ़ने से शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स की धारणा प्रभावित हुई है।
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि वायदा सौदों (F&O) पर एसटीटी को बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा, सरकार ने बायबैक टैक्स के नियमों में भी कड़े बदलाव किए हैं। अब सभी शेयरधारकों के बायबैक को ‘पूंजीगत लाभ’ (Capital Gains) के रूप में देखा जाएगा और उन पर उसी के अनुसार कर लगाया जाएगा।
छोटे शेयरधारकों की सुरक्षा के लिए सरकार ने कॉरपोरेट प्रवर्तकों के लिए 22 प्रतिशत और गैर-कॉरपोरेट प्रवर्तकों के लिए 30 प्रतिशत टैक्सेशन का प्रस्ताव रखा है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य बाजार में दुरुपयोग को रोकना और लॉन्ग-टर्म निवेश को बढ़ावा देना है। हालांकि, तात्कालिक तौर पर बाजार ने इसे नकारात्मक संकेत के रूप में लिया है।
कुल मिलाकर, Budget 2026 का यह हिस्सा ट्रेडर्स के लिए महंगा साबित होने वाला है। जहां एक ओर सरकार इसे पारदर्शिता की दिशा में कदम बता रही है, वहीं दूसरी ओर बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) इस पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।
