Report by : कालू वर्मा
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हरिद्वार: वर्दी में ‘देवदूत’ बने कांस्टेबल बसंत पांडे, CPR देकर बचाई बुजुर्ग की जान!

हरिद्वार के भीमगोडा बैरियर पर तैनात पुलिस कांस्टेबल बसंत पांडे ने मिसाल पेश की। सड़क पर बेहोश पड़े बुजुर्ग को समय पर CPR देकर दी नई जिंदगी। पढ़ें पूरी खबर।

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में पुलिस की मानवीय संवेदना और तत्परता का एक ऐसा उदाहरण सामने आया है, जिसने खाकी का मान बढ़ा दिया है। भीमगोडा बैरियर पर रात्रि ड्यूटी के दौरान तैनात कांस्टेबल बसंत पांडे (हर की पौड़ी चौकी) ने अपनी सूझबूझ से एक बुजुर्ग व्यक्ति को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया। सड़क किनारे बेहोश पड़े बुजुर्ग को समय पर प्राथमिक चिकित्सा (CPR) देकर कांस्टेबल ने साबित कर दिया कि पुलिस केवल कानून की रक्षक ही नहीं, बल्कि जीवन रक्षक भी है।
घटना के अनुसार, एक महिला ने पुलिस को सूचना दी कि भीमगोडा बैरियर के पास एक बुजुर्ग व्यक्ति अचानक सड़क पर गिर गए हैं और अचेत अवस्था में हैं। सूचना मिलते ही बिना एक पल गंवाए कांस्टेबल बसंत पांडे मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि बुजुर्ग की सांसें थम रही थीं। बिना किसी देरी के, बसंत ने अपने प्रशिक्षण का उपयोग करते हुए बुजुर्ग को **CPR (Cardiopulmonary Resuscitation)** देना शुरू कर दिया। उनकी इस त्वरित कार्रवाई का असर कुछ ही पलों में दिखने लगा।
कांस्टेबल द्वारा लगातार सीने को पंप करने और कृत्रिम सांस देने के बाद बुजुर्ग की सांसें वापस लौट आईं। इसके तुरंत बाद एंबुलेंस बुलाई गई और उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने भी पुष्टि की है कि यदि कांस्टेबल बसंत पांडे ने मौके पर सही समय पर CPR न दिया होता, तो बुजुर्ग की जान बचाना नामुमकिन था। वर्तमान में बुजुर्ग की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और उनका उपचार जारी है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर कांस्टेबल बसंत पांडे की जमकर तारीफ हो रही है। लोगों का कहना है कि ऐसे पुलिसकर्मी समाज के लिए असली ‘हीरो’ हैं जो वर्दी में भगवान का रूप बनकर आए। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि बसंत पांडे की इस बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया जाना चाहिए। हरिद्वार पुलिस की इस सफलता ने विभाग की छवि को और भी गौरवान्वित किया है।

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