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नई दिल्ली

बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शन के बीच कर्फ्यू, 105 लोगों की मौत, 245 भारतीय स्वदेश लौटे

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नई दिल्ली। सरकारी नौकरियों में कोटा को लेकर कई दिनों से चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच बांग्लादेश में सरकार ने शुक्रवार को कर्फ्यू लगा दिया और सेना को तैनात कर दिया। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रेस सचिव नईमुल इस्लाम खान ने कहा कि देश में किसी तरह की रैली, जुलूस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
दरअसल पुलिस कई दिनों से देश भर में जारी हिंसा को रोकने में विफल रही। छात्र प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में अब तक 105 लोग मारे जा चुके हैं। इसमें 52 मौतें केवल राजधानी ढाका में शुक्रवार को हुई हैं। इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद हैं। नईमुल इस्लाम ने बताया कि सरकार ने लोगों की सहायता के लिए सेना तैनात करने और कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि कर्फ्यू तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। स्थित पर काबू पाने के लिए 15 वर्षों से सत्ता में बनी प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के लिए यह एक बड़ी चुनौती है।
हिंसाग्रस्त बांग्लादेश से शुक्रवार रात 8 बजे तक 245 भारतीय भारत लौटे हैं। इनमें 125 छात्र भी हैं। भारतीय उच्चायोग ने 13 नेपाली छात्रों की वापसी में भी मदद की। उच्चायोग बीएसएफ, आव्रजन ब्यूरो के साथ समन्वय कर भारतीय नागरिकों की वापसी में मदद कर रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।  इस बीच, भारतीय रेलवे ने भी शनिवार को कोलकाता-ढाका मैत्री एक्सप्रेस और को कोलकाता-खुलना के बीच चलने वाले बंधन एक्सप्रेस को रद्द कर दिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। 
देश में नौकरियों में आरक्षण प्रणाली को समाप्त करने की मांग को लेकर बांग्लादेश में इन दिनों हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। जिसके कारण इन ट्रेन सेवाओं को रद्द किया गया है। इन प्रदर्शनों के चलते कई जगहों पर सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। 
पूर्वी रेलवे के एक अधिकारी ने परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि 13108 कोलकाता-ढाका मैत्री एक्सप्रेस शनिवार को रद्द रहेगी। उन्होंने बताया कि ट्रेन के डिब्बों की उपलब्धता अनिश्चित होने के कारण 13129/13120 कोलकाता-खुलना बंधन एक्सप्रेस सेवाएं रविवार को रद्द रहेंगी। 
वहीं, भारतीय उच्चायोग उन छात्रों को सुविधा प्रदान कर रहा है, जो बांग्लादेश से भारत वापस आ रहे हैं। इसके लिए वह बीएसएफ, आप्रवासन ब्यूरो और बांग्लादेश के स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। उच्चायोग के मुताबिक, भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा क्रॉसिंग बेनापोल-पेट्रोपोल, गेदे-दर्शना और अखौरा-अगरतला छात्रों और भारतीय नागरिकों को देश लौटने के लिए खुले रहेंगे। 

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