उत्तराखंड पुलिस
देहरादून: STF की बड़ी कार्रवाई, ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर पौने दो करोड़ की ठगी करने वाला पंजाब से गिरफ्तार
देहरादून के रिटायर्ड ONGC अधिकारी से 1.87 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़। उत्तराखंड STF ने लुधियाना से शातिर आरोपी को किया गिरफ्तार।
देहरादून: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की साइबर क्राइम पुलिस टीम ने ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर देशव्यापी ठगी करने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के एक शातिर सदस्य सुखराज को लुधियाना, पंजाब से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और गुजरात समेत कई राज्यों में साइबर अपराध के मामले पहले से ही दर्ज हैं।
यह पूरा मामला देहरादून के कौलागढ़ रोड निवासी ओएनजीसी (ONGC) से सेवानिवृत्त एक वरिष्ठ नागरिक की शिकायत के बाद सामने आया। शातिर ठगों ने पीड़ित से व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए संपर्क किया और खुद को ‘आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी’ का अधिकृत कर्मचारी बताया। इसके बाद आरोपियों ने सेबी (SEBI) का फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर दिखाकर शिकायतकर्ता को हाई नेट वर्थ (HNW) ट्रेडिंग अकाउंट खोलने के लिए जाल में फंसाया।
साइबर अपराधियों ने पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए शुरुआती दौर में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मनगढ़ंत ट्रेडिंग डेटा और फर्जी मुनाफा दिखाया। बड़े मुनाफे के लालच में आकर सेवानिवृत्त अधिकारी ने आरोपियों के कई बैंक खातों में कुल ₹1,87,64,000 (एक करोड़ सत्तासी लाख चौंसठ हजार रुपये) जमा कर दिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने देहरादून साइबर क्राइम स्टेशन में मुकदमा दर्ज कराया, जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय सिंह के निर्देश पर एसटीएफ ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी को पंजाब से दबोच लिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप, यूट्यूब लाइक टास्क या टेलीग्राम आधारित निवेश योजनाओं के झांसे में न आएं। कम समय में धन दोगुना करने का लालच देने वाले डिजिटल अरेस्ट के दावों से डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कोई भी सरकारी एजेंसी ऑनलाइन गिरफ्तारी नहीं करती है। किसी भी प्रकार की वित्तीय साइबर धोखाधड़ी होने पर पीड़ित तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
