हल्द्वानी
हल्द्वानी: सड़क हादसे में इलेक्ट्रीशियन की मौत, बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में जान गई
हल्द्वानी, सितारगंज और लालकुआँ में तीन अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। सितारगंज हादसे में समय पर इलाज न मिलने से युवक ने दम तोड़ दिया।
हल्द्वानी: उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में मंगलवार और बुधवार का दिन हादसों और दुखद घटनाओं के नाम रहा। सितारगंज, मुखानी और लालकुआँ में हुई अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। सबसे दर्दनाक हादसा सितारगंज में हुआ, जहाँ चोरगलिया निवासी एक 38 वर्षीय इलेक्ट्रीशियन जगदीश प्रसाद की सड़क दुर्घटना में जान चली गई।
बताया जा रहा है कि जगदीश प्रसाद मंगलवार रात काम के सिलसिले में सितारगंज गए थे, जहाँ उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे के बाद उन्हें हल्द्वानी के डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल लाने में करीब तीन घंटे लग गए। परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि उन्हें समय पर उपचार मिल जाता, तो उनकी जान बच सकती थी। डॉक्टरों ने अस्पताल पहुँचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया है।
दूसरी घटना हल्द्वानी के मुखानी क्षेत्र की है, जहाँ तल्ला लोहरियासाल निवासी एक रिटायर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी चंदन सिंह रावत (62) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, प्रथमदृष्टया यह मामला आत्महत्या (Suicide) का लग रहा है। चंदन सिंह नैनीताल जिला कोर्ट से दो साल पहले रिटायर हुए थे और अविवाहित थे। मंगलवार रात वह अपने कमरे में बेहोश मिले थे, अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
वहीं, बुधवार देर शाम लालकुआँ रेलवे स्टेशन पर एक अज्ञात बुजुर्ग की मौत का मामला सामने आया। मुरादाबाद पैसेंजर ट्रेन से उतरने के बाद करीब 60-65 वर्षीय बुजुर्ग प्लेटफार्म नंबर दो पर अचानक चक्कर खाकर गिर पड़े। जीआरपी की टीम ने उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है और पुलिस शिनाख्त के प्रयास कर रही है।
इन घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता पर भी सवाल खड़े किए हैं, विशेषकर सितारगंज हादसे में देरी से मिले इलाज को लेकर लोगों में चर्चा है। पुलिस सभी मामलों की बारीकी से जाँच कर रही है। क्षेत्र में इन दुखद खबरों से सन्नाटा पसरा हुआ है।
