देहरादून
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर संग्राम: देहरादून में सदन से सड़क तक भाजपा-कांग्रेस में छिड़ी रार
देहरादून में महिला आरक्षण को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच भारी हंगामा। सीएम धामी ने विपक्ष को घेरा, वहीं कांग्रेस ने किया विधानसभा कूच। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मंगलवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर राजनीतिक तापमान चरम पर रहा। विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। जहाँ सदन के भीतर सरकार ने विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया, वहीं सड़कों पर कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने जमकर शक्ति प्रदर्शन किया।
विधानसभा सत्र की शुरुआत होते ही कांग्रेस विधायकों ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा कूच किया और भाजपा पर दुष्प्रचार का आरोप लगाते हुए तत्काल 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग की। विपक्ष के इस आक्रामक रुख के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें महिला विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि जब भी मातृशक्ति के सशक्तिकरण की बात आती है, विपक्ष राजनीति शुरू कर देता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं को उनका हक देने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन विपक्षी दल इसमें केवल बाधाएं खड़ी कर रहे हैं।
शाम होते ही विवाद सड़कों तक पहुंच गया। मुख्यमंत्री धामी और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क से घंटाघर तक एक विशाल ‘मशाल जुलूस’ निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारी शक्ति के समर्थन में नारे लगाए। दूसरी ओर, सदन के भीतर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की टिप्पणी पर हुए हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
यह पूरा घटनाक्रम दर्शाता है कि आने वाले समय में महिला आरक्षण का मुद्दा उत्तराखंड की राजनीति का केंद्र बना रहेगा। जहाँ भाजपा इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे लागू करने की समयसीमा पर सवाल उठा रही है। फिलहाल, दोनों ही दल इस मुद्दे के जरिए महिला वोट बैंक को साधने की पुरजोर कोशिश में जुटे हैं।
