हल्द्वानी
सितारगंज में 150 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी: 19 करोड़ जमा, 76 करोड़ का स्टॉक सीज
हल्द्वानी राज्य कर विभाग की बड़ी कार्रवाई। सितारगंज की ट्रांसफार्मर कंपनी में छापेमारी कर 150 करोड़ की बिक्री छिपाने का खुलासा। 19.83 करोड़ का राजस्व वसूला।
हल्द्वानी/सितारगंज: उत्तराखंड के औद्योगिक क्षेत्र सितारगंज में राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (SBU) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों की जीएसटी चोरी का पर्दाफाश किया है। बिजली के ट्रांसफार्मर और उपकरण बनाने वाली एक प्रमुख कंपनी पर हुई इस छापेमारी में करीब 150 करोड़ रुपये की अघोषित बिक्री सामने आई है। विभाग की मुस्तैदी के चलते मौके पर ही 19.83 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व जमा कराया गया है।
राज्य कर आयुक्त सोनिका के कड़े निर्देशों पर हल्द्वानी संभाग के 32 अधिकारियों और सहायक कर्मचारियों की तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था। बुधवार दोपहर करीब 3 बजे टीमों ने सितारगंज स्थित कंपनी के कारखाने और कार्यालयों पर एक साथ धावा बोला। करीब आठ घंटे तक चले इस सघन सर्च ऑपरेशन में बिक्री, स्टॉक और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई संदिग्ध दस्तावेज और जाली बिक्री चालान बरामद किए गए हैं।
जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कंपनी पिछले 6-7 महीनों से अपने जीएसटी पोर्टल पर ‘निल’ (Zero) सेल दिखा रही थी। हालांकि, जब टीम ने बैंक ट्रांजेक्शन और फैक्ट्री के रिकॉर्ड खंगाले, तो करोड़ों रुपये का गुप्त लेनदेन पकड़ा गया। कंपनी ने एनसीएलटी (NCLT) के माध्यम से डिमर्जर की प्रक्रिया अपनाई थी, जिसकी आड़ में इस टैक्स चोरी को अंजाम दिया जा रहा था। गड़बड़ी की पुष्टि होने पर विभाग ने 76 करोड़ रुपये के स्टॉक को सीज कर दिया है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह राज्य में हाल के दिनों की सबसे बड़ी टैक्स रिकवरी में से एक है। जब्त किए गए दस्तावेजों की अभी भी सूक्ष्म जांच चल रही है, जिससे चोरी का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। राज्य कर विभाग की इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र के उद्योगपतियों और कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।
