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हल्द्वानी

रानीबाग चित्राशिला घाट में भारी बवाल: मुक्तिधाम परिसर में चौपाटी खोलने पर भड़की जनता, प्रशासन ने 24 घंटे में किया सील

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कुमाऊं के पवित्र रानीबाग चित्राशिला घाट परिसर में चौपाटी (फूड कोर्ट) खोलने पर भारी जनाक्रोश। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक विरोध के बाद प्रशासन ने चौपाटी को किया सील।

हल्द्वानी। कुमाऊं के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में शुमार और पतित पावनी गार्गी (गोला) नदी के तट पर स्थित बाबा चित्रेश्वर महादेव की शरणस्थली, रानीबाग चित्राशिला घाट में पिछले 48 घंटों के भीतर भारी जन-आक्रोश देखने को मिला है। मोक्ष धाम और शनिदेव मंदिर परिसर की पवित्र भूमि पर व्यापारिक गतिविधियां शुरू करने की कोशिशों को स्थानीय जनता ने कड़े विरोध के बाद महज 24 घंटे के भीतर नाकाम कर दिया। इस विवादित स्थल को लेकर लंबे समय से स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच तनातनी चल रही थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पवित्र धाम की गरिमा को बनाए रखने के लिए स्थानीय जनता ने पूर्व में यहां असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाए जा रहे नशे और गंदगी के खिलाफ आवाज उठाई थी। जनता की मांग पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उस विवादित हिस्से को पूर्व में सीज कर दिया था। लेकिन हाल ही में इस कीमती जमीन पर मुक्तिधाम के प्रांगण के भीतर ही एक चौपाटी (फूड कोर्ट) खोलने का मास्टर प्लान तैयार किया गया। इस योजना के तहत धार्मिक स्थल की दहलीज पर व्यावसायिक दुकानें सजाने की पूरी तैयारी कर ली गई थी।
हद तो तब हो गई जब जनभावनाओं को दरकिनार करते हुए सीजशुदा जगह के एक हिस्से पर धूमधाम से लाल रिबन काटकर इस फूड कोर्ट का उद्घाटन भी कर दिया गया। उत्तरायणी मेले के लिए सुप्रसिद्ध इस पावन स्थल पर जहां लोग दूर-दूर से श्रद्धा और शांति की तलाश में आते हैं, वहां व्यावसायिक गतिविधियां शुरू होते ही कुमाऊं की जनता का गुस्सा फूट पड़ा। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक विरोध की चिंगारी भड़क गई और स्थानीय लोगों ने इस कृत्य को धाम की पवित्रता के खिलाफ बताया।
जनता की एकजुटता और बढ़ते जनाक्रोश के आगे आखिरकार प्रशासन को तुरंत बैकफुट पर आना पड़ा। स्थिति को बिगड़ता देख प्रशासनिक टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नव-उद्घाटित चौपाटी को अगले आदेश तक के लिए दोबारा पूरी तरह सील कर दिया है। इसके साथ ही प्रशासन ने यह सख्त अल्टीमेटम भी दिया है कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया या पवित्र परिसर की गरिमा को ठेस पहुंची, तो वहां खड़ी की गई अवैध बाउंड्री वॉल और निर्माण को बुल्डोजर से ढहा दिया जाएगा।
24 घंटे के भीतर सील हुई इस चौपाटी के बाद स्थानीय निवासियों ने इसे अपनी आस्था की जीत बताया है। हालांकि, क्षेत्र के जागरूक नागरिकों का कहना है कि जब तक पवित्र परिसर की सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित नहीं कर दिया जाता और विवादित बाउंड्री को नहीं हटाया जाता, तब तक उनकी नजरें इस पूरे घटनाक्रम पर बनी रहेंगी। फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

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