देहरादून
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल सख्त: बाहर की दवा लिखने वाले डॉक्टरों पर गिरेगी गाज
उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने दून अस्पताल में डॉक्टरों को कड़ी चेतावनी दी है। बाहर की दवा लिखने और बेवजह रेफर करने पर होगी सख्त कार्रवाई।
देहरादून। उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को दून अस्पताल में आयोजित एक बैठक के दौरान उन्होंने डॉक्टरों द्वारा मरीजों को बाहर की महंगी दवाएं लिखने पर सख्त नाराजगी जाहिर की। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने दून अस्पताल में छह नई सुविधाओं का उद्घाटन करने के बाद विभागों के एचओडी और अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में जब मुफ्त दवाएं और बेहतरीन डॉक्टर उपलब्ध हैं, तो मरीजों को बाहर क्यों भेजा जा रहा है? उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि ऐसे डॉक्टरों को चिह्नित कर उनके खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई शुरू करें।
मंत्री सुबोध उनियाल ने मरीजों को बेवजह रेफर करने और अस्पतालों में सफाई की कमी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने निजी अस्पतालों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भारी खर्च के बावजूद भीड़ रहती है, क्योंकि उन्होंने लोगों का विश्वास जीता है। उन्होंने डॉक्टरों से अपील की कि वे अपनी क्षमताओं का सही उपयोग कर सरकारी स्वास्थ्य तंत्र पर जनता का भरोसा बहाल करें।
बैठक के समापन पर मंत्री ने साफ किया कि उनका मुख्य उद्देश्य राज्य के ‘हेल्थ सिस्टम’ में सुधार करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में बाहर की दवा लिखने या मरीजों को परेशान करने की शिकायत मिली, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों पर गाज गिरना तय है। अब स्वास्थ्य विभाग इन शिकायतों की निगरानी के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी में है।
