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देहरादून : नवोदय विद्यालय भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ से नकल: 17 अभ्यर्थी पकड़े गए, एक मुन्नाभाई भी गिरफ्तार

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देहरादून। नवोदय विद्यालय में नॉन टीचिंग स्टाफ की भर्ती परीक्षा में बड़े स्तर पर सामूहिक नकल और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। रविवार को देहरादून के तीन परीक्षा केंद्रों पर कुल 17 अभ्यर्थियों को ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। वहीं, एक परीक्षा केंद्र पर एक युवक को दूसरे की जगह परीक्षा देते हुए भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन मामलों में तीन थानों में कुल आठ केस दर्ज किए हैं और सॉल्वर गैंग से जुड़ी कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि नवोदय विद्यालयों में नॉन टीचिंग स्टाफ के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए सीबीएसई द्वारा परीक्षा आयोजित की जा रही है, जो 14 मई से 19 मई तक चलेगी। देहरादून में इस परीक्षा के लिए आठ केंद्र बनाए गए हैं। रविवार को सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल पटेलनगर, दून इंटरनेशनल स्कूल डालनवाला और केंद्रीय विद्यालय एफआरआई में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल करते 17 अभ्यर्थी पकड़े गए।

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जूते में छुपाई गई थी डिवाइस
फर्जीवाड़े का खुलासा सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल में हुआ, जहां सुबह की पाली में एक अभ्यर्थी सौरभ यादव (निवासी आजमगढ़, उत्तर प्रदेश) को जूते में छिपाई गई छोटी सी ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़ा गया। इसके बाद अन्य केंद्रों पर जांच तेज की गई। इसी केंद्र पर शाम की पाली में भी सात अन्य अभ्यर्थी ऐसे ही डिवाइस के साथ गिरफ्तार हुए।

इसके अलावा डालनवाला स्थित दून इंटरनेशनल स्कूल में पुलिस टीम ने छापेमारी कर नौ अभ्यर्थियों को ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़ा। एफआरआई स्थित केंद्रीय विद्यालय में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां श्रीचंद नामक युवक को सौरव सिंह के नाम से परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। पूछताछ में पता चला कि दोनों आगरा के एक कोचिंग सेंटर में मिले थे और तीन लाख रुपये में सौदा तय हुआ था।

इनकी हुई पहचान
गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई जिलों के अभ्यर्थी शामिल हैं। इनमें सौरभ यादव (आजमगढ़), अमन (हिसार), रोबिन (बागपत), अक्षय मान (सिनौली, बागपत), नीरज मान (सिनौली, बागपत), मोहित कुमार (बड़कला, जींद), अंकुश (हिसार) और मनीष मलिक (मेरठ) के नाम शामिल हैं।

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सॉल्वर गैंग की तलाश में दबिश
पुलिस अब इन अभ्यर्थियों से पूछताछ कर उनके संपर्क में रहे सॉल्वर गैंग के बारे में जानकारी जुटा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह गैंग देहरादून से बाहर का है। पुलिस ने यूपी के कुछ जिलों में टीम भेजकर दबिश देनी शुरू कर दी है। साथ ही पकड़े गए ब्लूटूथ डिवाइसेस को जांच के लिए भेजा गया है।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि संभव है इससे पहले भी आयोजित परीक्षाओं में इसी तरह का फर्जीवाड़ा किया गया हो। इसलिए पूरे परीक्षा आयोजन पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भविष्य में सख्त निगरानी के संकेत दिए हैं।

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