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हरिद्वार

हरिद्वार में भीमगोडा काली मंदिर सुरंग के पास ट्रेन गुजरते वक्त अचानक पहाड़ी से बोल्डर आ गिरा

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ट्रेन के पायलट ने लगाए इमरजेंसी ब्रेक, पुलिस और रेलवे कर्मचारियों ने बोल्डर को ट्रैक से हटाया

हरिद्वार। भीमगोडा काली मंदिर सुरंग के पास ट्रेन गुजरते वक्त अचानक पहाड़ी से बोल्डर आ गिरा। ट्रेन के पायलट को इमरजेंसी ब्रेक लगाने पड़े। इस दौरान कोई हानि नहीं हुई। पुलिस और रेलवे कर्मचारियों ने बोल्डर को ट्रैक से हटाया। इस दौरान ट्रेन योगा एक्सप्रेस करीब 15 मिनट ट्रैक पर रुकी रही।
हरकी पैड़ी से भीमगोड़ा मार्ग पर पहाड़ी से सुरंग की एंट्री प्वाइंट पर एक बड़ा बोल्डर अहमदाबाद-योगनगरी ऋषिकेश ट्रेन पर आ गिरा। ट्रेन हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर रुकने के बाद ऋषिकेश के लिए रवाना हुई थी। ट्रेन से बोल्डर टकराने पर पायलट ने ट्रेन को ट्रैक पर रोक दिया। ट्रेन के पायलट चंद्र शेखर वर्मा ने बताया की बोल्डर गिरने के बाद ट्रैक पर इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन और अंदर बैठे यात्रियों को सुरक्षित कर लिया।
ट्रेन से टकराने के बाद बोल्डर ट्रैक पर गिर गया। रेलवे के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच कर बोल्डर को हटाया। वही ट्रेन में सवार यात्रियों ने बताया की जब बोल्डर ट्रेन पर गिरा तो जोरदार आवाज हुई। ट्रेन में बैठे हुए यात्रियों को दो बार झटके लगे जिसके बाद ट्रेन ट्रैक पर रुक गई। ट्रेन रुकने के बाद सभी यात्री बाहर निकल कर स्थिति का जायजा लेने लगे। बोल्डर गिरने के कारण दिल्ली देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस को हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर ही रोक लिया गया। बोल्डर हटाने के बाद रेल सेवाओं को शुरु किया गया। जिस कारण शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन 15 मिनट विलंब से रवाना हुई। रेलवे के सीएमआई अश्वनी कुमार ने बताया कि मौके पर कर्मचारियों को भेजकर ट्रैक को दुरुस्त किया गया। जिसके बाद ट्रैक पर ट्रेनों का आवागमन सुचारू हो सका।
वहीं, हरकी पैड़ी के पास काली मंदिर सुरंग पर पहाड़ से पत्थर गिरने से चाय की दो अस्थाई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त दुकानों के आसपास कोई मौजूद नहीं रहा। जबकि पहाड़ से आए एक बड़े बोल्डर को एक पेड़ ने ऊपर ही रोक लिया। यदि पहाड़ का वह टुकड़ा नीचे आता तो अनहोनी हो सकती थी। सालों से बरसात में इस स्थान पर पहाड़ी से बोल्डर गिरते रहते है।

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