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अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़

बागेश्वर के लाल गजेंद्र सिंह गड़िया जम्मू-कश्मीर में शहीद, किश्तवाड़ मुठभेड़ में दिया बलिदान

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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकियों से लोहा लेते हुए बागेश्वर के पैराट्रूपर गजेंद्र सिंह गड़िया शहीद हो गए। सेना का सर्च ऑपरेशन जारी। पूरी खबर पढ़ें।

बागेश्वर। देवभूमि उत्तराखंड ने देश की रक्षा के लिए एक और वीर सपूत खो दिया है। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकियों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में बागेश्वर जिले के कपकोट निवासी पैराट्रूपर गजेंद्र सिंह गड़िया शहीद हो गए हैं। शहीद जवान 43 वर्षीय गजेंद्र सिंह गड़िया भारतीय सेना के विशेष सुरक्षाबल (Para SF) में तैनात थे।
यह घटना किश्तवाड़ जिले के चतरू बेल्ट स्थित मंदराल-सिंहपोरा इलाके की है। सेना की ‘व्हाइट नाइट कॉर्प्स’ को यहाँ जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। जैसे ही जवान आतंकियों के ठिकाने के करीब पहुंचे, आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी और ग्रेनेड से हमला शुरू कर दिया। इस हमले में गजेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घायल अवस्था में उन्हें तुरंत एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन देर रात इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। शहीद गजेंद्र का परिवार वर्तमान में देहरादून में रहता है, जबकि उनके माता-पिता बागेश्वर के बीथी गांव में रहते हैं। वह महज दो महीने पहले ही 15 दिन की छुट्टी काटकर वापस ड्यूटी पर लौटे थे।
गजेंद्र सिंह गड़िया के शहीद होने की खबर मिलते ही पूरे बागेश्वर और उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शहीद के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। सोमवार को शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया जाएगा, जहाँ सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंतिम विदाई होगी।
इस बीच, किश्तवाड़ के घने जंगलों में सेना और पुलिस का संयुक्त तलाशी अभियान (Search Operation) अब भी जारी है। इलाके को चारों ओर से घेर लिया गया है ताकि हमलावर आतंकियों को पकड़ा जा सके। पूरा देश आज बागेश्वर के इस वीर बलिदानी को नमन कर रहा है।

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